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पाक विदेश मंत्री ने यूएनजीए में भारत पर लगाया आतंकवाद फैलाने का आरोप, भारत ने किया पलटवार

Sun, 30 Sep 2018 03:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कश्मीर मुद्दा उठाया। कुरैशी ने कहा कि अनसुलझे मुद्दे की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच स्थायी शांति कायम नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही कुरैशी ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद नई दिल्ली से सार्वभौमिकता और आपसी सम्मान पर आधारित रिश्ते चाहता है। कुरैशी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार दक्षिण एशिया में तब तक शांति स्थापित नहीं हो सकती जब तक कश्मीर मुद्दे का हल नहीं होगा। 

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली वार्ता रद्द होने के मुद्दे पर कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान हर मुद्दे पर बात करने को तैयार था लेकिन राजनीति को शांति से ऊपर रखते हुए नई दिल्ली से बैठक रद्द कर दी गई। उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि भारतीय सरकार ने महीनों पुराने डाक टिकट के मुद्दे को उठाया और वार्ता से पीछे हटने के लिए मानवाधिकारों का उल्लंघन व पैलेट गन पीड़ितों जैसे बहाने बनाए।  
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बता दें कि जम्मू-कश्मीर में तीन पुलिस वालों की बर्बर हत्या और इस्लामाबाद द्वारा कश्मीरी उग्रवादी बुरहान वानी पर डाक टिकट जारी करने का आरोप लगाते हुए भारत ने वार्ता रद्द कर दी थी। 

कश्मीर मुद्दा मानवता की आत्मा पर घाव

कुरैशी ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे विवादों को हल करने का एकमात्र तरीका संवाद है। संवाद की कमी के चलते ही दक्षिण एशिया अपनी वास्तविक क्षमता को अब तक महसूस नहीं सका है। जम्मू-कश्मीर का अनसुलझा विवाद दोनों देशों के बीच स्थायी शांति के लक्ष्य को पूरा नहीं होने दे रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 70 साल से यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एजेंडे पर रहा है। उन्होंने कश्मीर मुद्दे को मानवता की आत्मा पर एक घाव की तरह बताया।  

कुरैशी ने कहा कि यदि भारत नियंत्रण रेखा का उल्लंघन करता है या पाकिस्तान के खिलाफ कोई हरकत करता है तो उसे समान प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना होगा। पाकिस्तान को आतंकवाद से पीड़ित बताते हुए कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान भारत से आतंकवाद समेत सभी मुद्दों पर बात करना चाहता है। पाकिस्तान ने यहां कुलभूषण जाधव का मुद्दा भी उठाया। भारतीय नागरिक कुलभूषण को पिछले साल अप्रैल में पाकिस्तान सेना कोर्ट ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप लगाते हुए मौत की सजा सुनाई थी। इस मुद्दे पर कुरैशी ने कहा कि भारत पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देता है। भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव भारत सरकार के निर्देश पर पाकिस्तान में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। 
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भारत का पलटवार, कश्मीर हमारा अभिन्न हिस्सा

भारत ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री के इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भारत ने इस्लामाबाद में कई आतंकी गतिविधियों को उजागर किया है। भारत ने कहा कि नया पाकिस्तान पुराने पाकिस्तान के सांचे में ही ढला है। युवा राजनीतिज्ञ ईनम गंभीर द्वारा दिए गए बयान में कहा कि 2014 में पेशावर स्थित स्कूल में हुए आतंकी हमले में भारत को भागीदार बताने वाला कुरैशी का बयान बेवकूफी भरा है। उन्होंने कहा यह आरोप पाकिस्तान इसलिए लगा रहा है क्योंकि वह उस आतंकवाद को नजरअंदाज करना चाहता है जिसे उसने खुद ही तैयार किया है।  गंभीर ने कहा, 'मैं यह स्पष्ट कर दूं कि पाकिस्तान की नई सरकार यह जान ले कि पूरा जम्मू-कश्मीर राज्य भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा।'

गंभीर ने पूछा, 'क्या पाकिस्तान इस बात से इंकार कर सकता है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा चिह्नित 132 आतंवादियों और 22 आतंकी संस्थाओं का संरक्षक है? क्या पाकिस्तान इस तथ्य से इंकार कर सकता है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान में स्वतंत्र घूम रहा है और चुनाव में भी भाग ले रहा है?'
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