मैथ्यू हेडन बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान के साथ
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मोहम्मद रिजवान ने उन्हें तोहफे में कुरान का अंग्रेजी अनुवाद भेंट किया था। इसके बाद से वो समय निकालकर कुरान पढ़ते हैं और वो लगभग रोजाना ऐसा करते हैं। हेडन ने बताया कि वो मूल रूप से ईसाई हैं, लेकिन वो इस्लाम को समझना चाहते हैं।
हेडन ने इस्लाम और कुरान पर बात करते हुए न्यूज कॉर्प ऑस्ट्रेलिया को कई बातें बताई हैं। उन्होंने कहा कि मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम बहुत अच्छे इंसान और खिलाड़ी हैं। उन्होंने बातचीत के दौरान उस पल को याद किया जब रिजवान ने उन्हें कुरान तोहफे में दी थी और कहा कि वो उस लम्हें को कभी नहीं भूलेंगे। इसके बाद दोनों ने रिजवान के साथ कुरान और इस्लामिक मान्यताओं को लेकर लगभग आधे घंटे तक बात भी की।
पाकिस्तान टीम से प्रभावित हैं हेडन
हेडन ने आगे बताया कि पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों की आध्यात्मिकता से वो काफी प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि सलात के समय सभी खिलाड़ी बाकी काम छोड़कर अपनी प्रार्थना करते हैं। यदि ये खिलाड़ी लिफ्ट के अंदर या बाहर भी रहते हैं तब भी सलात करना नहीं भूलते।
पाकिस्तान क्रिकेट का इतिहास खराब
धार्मिक स्वतंत्रता के मामले में पाकिस्तान क्रिकेट का इतिहास अच्छा नहीं रहा है। यहां योहाना यूसुफ नाम के बल्लेबाज को अपना धर्म बदलकर खेलना पड़ा था। बाद में वो मोहम्मद यूसुफ के नाम से जाने गए। उनके अलावा दानिश कनेरिया को हिंदू होने की वजह से टीम से बाहर कर दिया गया था। कई बार खिलाड़ी उनके साथ बैठकर भोजन करना भी पसंद नहीं करते थे। हालांकि हेडन को नई पाकिस्तान टीम ने सहजता से स्वीकार किया है और अनुभव यूसुफ और कनेरिया से अलग रहा है।