एक यूजर ने लिखा- रवि शास्त्री को नीचा मत दिखाओ। भारत 2013 से अजेय है। द्रविड़ ने या रोहित ने कुछ नया नहीं किया है। वहीं, एक अन्य यूजर ने बताया कि कैसे एक मजबूत बॉलिंग यूनिट बनाने का श्रेय कोहली और शास्त्री को जाता है। यूजर ने ट्वीट किया- इस बॉलिंग यूनिट को विकसित करने का श्रेय कोहली और शास्त्री को जाना चाहिए।
एक यूजर ने कहा कि घरेलू परिस्थितियों में टेस्ट जीतना टीम इंडिया के लिए हमेशा से आसान रहा है और चुनौती विदेशों में जीत हासिल करने की है। साईकुमार नाम के यूजर ने लिखा- यही टीम कोहली के नेतृत्व में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और जीत भी रही थी। कुछ भी नया नहीं है। असली परीक्षा विदेशी जमीन पर होगी। हालांकि, कोहली और शास्त्री पिछले दो तीन सालों में पुजारा/रहाणे के खराब प्रदर्शन के बावजूद बर्खास्त करने में नाकाम रहे! अश्विन का भी ठीक तरह से उपयोग नहीं किया गया था।
विराट कोहली के एक फैन ने बताया कि कैसे कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया रैंकिंग में सातवें स्थान पर रहने के बाद नंबर एक रैंकिंग तक पहुंचने में सफल रही। साईकुमार नाम के यूजर ने लिखा- विराट और रवि शास्त्री के नेतृत्व में टीम इंडिया पहले ही शानदार बन चुकी है। जो टीम रोहित लेकर खेल रहे हैं, वह दरअसल विराट कोहली की टीम है। कोई भी उनके स्तर की बराबरी नहीं कर सकता। टेस्ट रैंकिंग में उनकी कप्तानी में टीम इंडिया सातवें रैंक से पहले रैंक पर आई। आइए देखें कि यह रोहित के तथाकथित नए युग में कैसा होने वाला है।