फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HCA ने एक घंटे तक अजहरुद्दीन को रखा खड़ा, रुआंसे होकर बोले- 10 साल रहा हूं कप्तान

Mon, 08 Jan 2018 08:45 PM IST
एजेंसी
विज्ञापन
मोहम्मद अजहरुद्दीन - फोटो : File
विज्ञापन
हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) की ओर से अपनी बैठकों में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के शामिल होने पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण नया विवाद खड़ा हो गया है। एचसीए ने रविवार को अपनी स्पेशल जनरल मीटिंग में अजहरुद्दीन के शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया था। एसोसिएशन के इस कदम से अजहरुद्दीन काफी नाराज हैं। 
विज्ञापन


एचसीए के अध्यक्ष जी विवेक ने सोमवार को यहां कहा, ‘रविवार को हुई एसजीएम की बैठक में शुरू में अजहरुद्दीन को शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसा एक अनाधिकारिक क्रिकेट निकाय संग अजहरुद्दीन के कथित संबंधों के कारण किया गया। इसके अलावा वह प्रॉक्सी वोटर थे। उनके कार्ड पर भी निलंबित सचिव के हस्ताक्षर हैं।’ 

एसजीएम की बैठक जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को पास करने के लिए बुलाई गई थी। विवेक ने आरोप लगाया कि बीसीसीआई से मान्यता नहीं हासिल करने वाले एक क्रिकेट निकाय के ब्रांड एंबेसडर संग मिलकर अजहरुद्दीन एचसीए के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। गौरतलब है कि अजहरुद्दीन को पहले करीब एक घंटे तक इंतजार कराया गया। इसके बाद कांग्रेस नेता वी हनुमंता राव के हस्तक्षेप के बाद उन्हें मीटिंग में भाग लेने दिया गया। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ेंः अजहरुद्दीन को क्या बीसीसीआई देगी पेंशन, सीओए की बैठक में फैसला आज 

एचसीए के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि बैठक में जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है। अध्यक्ष ने उन खबरों का भी खंडन किया कि ज्यादातर सदस्यों ने बैठक में अजहरुद्दीन के शामिल होने पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि, ‘जब तक हम जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू नहीं करते तब तक बीसीसीआई हमें पैसा नहीं देगा।’ 


 
विज्ञापन

क्रिकेट से अनजान लोग हैं एचसीए के कर्ताधर्ता: अजहर

मोहम्मद अजहरुद्दीन - फोटो : File
एचसीए की बैठक में शामिल होने से रोकने पर अजहरुद्दीन काफी नाराज हैं। 54 वर्षीय अजहरुद्दीन ने कहा, ‘लोगों ने मुझे बैठक के बाहर एक घंटे तक इंतजार कराया। यह बहुत ही शर्मनाक था। मैं हैदराबाद का एक खिलाड़ी हूं और भारतीय क्रिकेट टीम का 10 साल कप्तान भी रहा हूं। इस संस्थान के कर्ताधर्ता तो क्रिकेट के बारे में कुछ भी नहीं जानते। इन लोगों ने अपने जीवन में कभी बल्ला और गेंद हाथ में लिया ही नहीं है।’
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें