एशेज सीरीज के दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने यादगार जीत हासिल की और पांच टेस्ट की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। इस मैच में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने 155 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन यह मैच विवादों की वजह से चर्चा में बना हुआ है। पहले मिचेल स्टार्क के कैच को अंपायरों ने अमान्य करार दिया फिर एलेक्स कैरी ने खेल भावना के विपरीत जाकर जॉनी बेयरस्टो को आउट किया और अंत में उस्मान ख्वाजा और एमसीसी के सदस्यों के बीच बहस हो गई।
लॉर्ड्स में चौथे दिन मिचेल स्टार्क का कैच तीसरे अंपायर ने अमान्य करार दिया था, क्योंकि उनका अपने शरीर पर पूरा नियंत्रण नहीं था। दिन का खेल खत्म होने से पहले बेन डकेट ने अपर कट खेला और गेंद हवा में चली गई। स्टार्क ने कैच पकड़ा और ऑस्ट्रेलियाई टीम विकेट का जश्न मनाने लगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। अंपायरों ने कैच की समीक्षा के लिए तीसरे अंपायर की मदद ली और रीप्ले में दिखा कि स्टार्क के डाइव लगाते समय गेंद जमीन से छू गई थी। इसके बाद बल्लेबाज डकेट को नॉट आउट दिया गया।
इस मामले पर स्टार्क ने कहा “मुझे इसमें कोई संदेह नहीं था कि गेंद पर मेरा नियंत्रण था। वे नियम के अनुसार चल रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि कैच पकड़ने वाले खिलाड़ी का अपने शरीर पर नियंत्रण होना जरूरी है। (इसी तरह के कैच) के साथ आगे बढ़ना दिलचस्प होने वाला है।"
टीवी अंपायर मराइस इरास्मस ने बाद में स्पष्ट किया कि नियम के अनुसार, कैच को तब तक पूरा नहीं माना जा सकता जब तक कि गेंद और क्षेत्ररक्षक का शरीर दोनों नियंत्रण में न हो। चूंकि स्टार्क अभी भी फिसल रहे थे और गति में था, वह कैच का दावा नहीं कर सकते थे, और गेंद जमीन को छूने का मतलब था कि यह पूरा कैच नहीं था।
इसी मैच में बाद में ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स कैरी ने इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो को आउट किया और ऑस्ट्रेलिया की टीम जीत गई। बेयरस्टो जिस तरह से आउट हुए वह नियम के अधीन था, लेकिन खेल भावना के विपरीत था। ऑस्ट्रेलिया की जीत के बाद स्टार्क पूरी तरह पलट गए और उन्होंने कहा कि उनके कैच और बेयरस्टो के आउट के मामले में अंपायर सही थे।
मैच के बाद स्टार्क ने कहा “लेकिन हमें इसे स्वीकार करना होगा, जैसे उन्हें स्टंपिंग को स्वीकार करना होगा। मुझे इसे इस तरह से कहना चाहिए- वह (बेयरस्टो) उतना ही आउट था जितना मेरे कैच में (डकेट) नॉट आउट था।'' बेयरस्टो का विकेट भी नियम के अधीन था और नियम के अनुसार ही डकेट को भी नॉट-आउट करार दिया गया। अंपायरों ने दोनों स्थितियों में सही फैसला किया और यह चर्चा यहीं रुकनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा “यदि आप कानून के अनुसार चल रहे हैं, तो वे सही निर्णय थे। हम इसे अधिकारियों के हाथों में छोड़ देंगे।'' स्टार्क ने निष्कर्ष निकाला, जिन्होंने मैच में 6 विकेट लिए। इसमें कोई संदेह नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच बहस जारी रहेगी, लेकिन उन्हें जल्दी से इसे पीछे छोड़ना होगा क्योंकि एशेज टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच छह जुलाई से लीड्स में शुरू होगा।