भारत के हाथों चेन्नई के बाद हैदराबाद में भी शर्मनाक हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क के हौसले पस्त हो गए हैं।
आखिरकार क्लार्क ने माना है कि उनको टॉप आर्डर में बल्लेबाजी करने उतरना पड़ेगा। इससे पहले पुराने खिलाड़ियों ने क्लार्क को कई बार नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने की सलाह दी है।
आस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा है कि पिछले मुकाबलों में शीर्ष क्रम के खराब प्रदर्शन के बाद उनके पास ऊपरी क्रम में खेलने के अलावा अब कोई और विकल्प नहीं बचा है।
पिछले लंबे समय से पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे कप्तान क्लार्क ने हैदराबाद टेस्ट में एक पारी और 135 रनों के भारी अंतर से मिली हार पर निराशा जताते हुए कहा कि मुझे लगता है कि अब मेरे पास और कोई विकल्प ही नहीं बचा है।
यहां बात मेरे ऊपरी क्रम में खेलने की नहीं है बल्कि मुझे वह निर्णय लेना होगा जो टीम के लिए अच्छा है। इन परिस्थितियों में तो मुझे ऊपरी क्रम में खेलना ही होगा।
टीम के खराब प्रदर्शन से इतर क्लार्क ने मैच में कप्तानी भरी पारी खेलने का भरपूर प्रयास किया है। दूसरे टेस्ट की पहली पारी में शीर्षक्रम के उखड़ जाने के बाद क्लार्क ने स्थिति को संभालते हुए 91 रनों की जिम्मेदारी भरी पारी खेली जबकि चेन्नई टेस्ट में भी उन्होंने 130 और 31 रनों की पारियां खेलकर टीम को लड़ने लायक स्थिति में पहुंचाया था।
भारत को चार टेस्टों की सीरीज में मिली 2-0 की बढ़त के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा कि मेरे लिए इस समय ऊपरी क्रम में खेलना जरूरी हो गया है लेकिन मैंने अभी यह नहीं सोचा है कि मुझे तीसरे नंबर पर उतरना चाहिए या चौथे।
मेरे पास नौ दिनों का समय है इस पर विचार करने के लिए। तीसरा टेस्ट मोहाली में 14 मार्च से शुरू होगा और इससे पहले सभी स्थितियों पर विचार करूंगा।
क्लार्क ने अपने पांचवें नंबर पर खेलने के बारे में कहा कि पांचवें क्रम पर उतरने से टीम को पहले काफी फायदा हुआ है। लेकिन पिछले दो टेस्टों में इसका कोई फयदा नहीं पहुंचा है।
श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी यह क्रम फयदेमंद साबित हुआ। लेकिन मेरा मानना है कि किसी एक व्यक्ति के क्रम बदलने से भी टीम की स्थिति नहीं बदल सकती है। पूरी टीम को ही बेहतर प्रदर्शन करना होगा।