पहले टेस्ट में टीम इंडिया के हाथों मिली 8 विकेट की हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक के सामने दूसरे टेस्ट के लिए बेस्ट इलेवन चुनना चुनौती हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम की सबसे मजबूत कड़ी तेज गेंदबाजी के फ्लॉप होने से कप्तान माइकल क्लार्क की चिंताएं दोगुनी हो गई है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट दूसरे टेस्ट की टीम चुनने में कई कड़े फैसले ले सकती है। आइए नजर डालते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम हैदराबाद में किन फॉर्मूले को आजमा सकती है-
फॉर्मूला नंबर-1
चेन्नई टेस्ट में माइकल क्लार्क ने स्पिन विभाग की जिम्मेदारी नॉथन लियोन को सौंपी थी। लेकिन क्लार्क का यह दांव फ्लॉप साबित हुआ। स्पिनरों की मददगार पिच पर जहां भारतीय स्पिन तिकड़ी (अश्चिन, जडेजा, भज्जी) ने 20 विकेट झटके वहीं ऑस्ट्रेलिया के फिरकी गेंदबाज लियोन यहां के माहौल का फायदा उठाने में नाकाम दिखे। स्पिन गेंदबाजी के इतिहास पर नजर डालें तो शेन वॉर्न तेज पिचों पर ज्यादा कारगर थे तो श्रीलंकाई मुरलीधरन एशियाई पिचों के बादशाह थे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम में श्रीलंका मूल के ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर अशटोन आगर को मौका दिया जा सकता है। क्योंकि अशटोन को एशियाई पिचों पर स्पिन का खासा अनुभव है।
फॉर्मूला नंबर-2
चेन्नई टेस्ट में बेअसर साबित हुए मध्यम तेज गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क को दूसरे टेस्ट में बाहर किया जा सकता है। क्लार्क स्टॉर्क की जगह लेग स्पिनर स्टीव स्मिथ पर दांव लगा सकते हैं। स्टीव के आने से ऑफ स्पिनर नॉथन लियोन को एक अच्छा पार्टनर मिल जाएगा। लेग और ऑफ स्पिनरों की इस जोड़ी से ऑस्ट्रेलियाई भारतीय बल्लेबाजों के रोकने में कारगर हो सकते हैं।
फॉर्मूला नंबर-3
सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान माइकल क्लार्क और युवा हेनरिक्स का बल्ला चल पाया। क्लार्क ने पहली पारी में 130 रनों की शतकीय पारी खेली। खास बात यह है कि उन्होंने यह पारी उस समय खेली जब 153 रनों पर ऑस्ट्रेलिया के 5 विकेट आउट हो चुके थे। दूसरी पारी में भी क्लार्क ने 31 रनों की पारी में भारतीय स्पिन आक्रमण का बखूबी सामना किया। ऐसे में उम्मीद की सकती है कि दूसरे टेस्ट में क्लार्क टीम की बल्लेबाजी का मजबूती देने के लिए तीसरे नंबर पर बैटिंग करने उतरें। वैसे भी क्लार्क भारतीय पिचों पर पहले भी कमाल कर चुके हैं।
फॉर्मूला नंबर-4
ऊपरी क्रम के बल्लेबाज फीलिप ह्यूज पहले टेस्ट की दोनों पारियों में संघर्ष करते दिखे। पहली पारी में उन्होंने 6 रन जबकि दूसरी में बिना खाता खोले आउट हो गए। ह्यूज की जगह ऑस्ट्रेलियाई टीम में उस्मान ख्वाजा को मौका मिल सकता है। बाएं हाथ के बल्लेबाज उस्मान पाकिस्तानी मूल के हैं। उस्मान को एशियाई पिचों पर खेलने का अनुभव नहीं है पर ह्यूज पर दोबारा दांव खेलने से बेहतर है कि क्लार्क ख्वाजा को टीम में खिलाएं।
फॉर्मूला-5
पहले टेस्ट में माइकल क्लार्क की 3 तेज और एक स्पिन गेंदबाज की रणनीति पूरी तरफ फ्लॉप साबित हुई थी। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि चेन्नई टेस्ट में स्पिनर नॉथन लियोन के असफल होने के दूसरे पीछे छोर से किसी स्पिन गेंदबाज का मदद नहीं मिलना है। इस बीच खबर है कि हैदराबाद की पिच भी स्पिनरों की मददगार है। ऐसे में संभावना है कि हैदराबाद टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई 2 स्पिन और 2 तेज गेंदबाज की रणनीति अपना सकते हैं। अगर ऑस्ट्रेलिया 2 फिरकी गेंदबाजों को मौका देगी तो तेज गेंदबाज पीटर सिडल को बाहर किया जा सकता है और उनकी जगह स्पिनर अशटोन आगर को मौका मिलेगा। वैसे भी पीटर सिडल जितने खतरनाक तेज पिच पर लगते हैं उतने उपमाद्वीप की इन पिचों पर नहीं दिखे।