फ्रेंड, फॉदर, फिलॉस्फर जैसे शब्द को मिला दिया जाए तो उसे 'आदर्श' कहा जा सकता है। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने यह (आदर्श) नाम सुनील गावस्कर को दिया है। गावस्कर ने सचिन को उनके अच्छे दौर में जमकर प्रशंसा की है तो बुरे दौर में उनको सलाह भी दी है।
लेकिन पिछले कई महीनों में गावस्कर जिस तरह सचिन को लेकर मुखर हुए हैं वो कहीं न कहीं मास्टर ब्लास्टर (सचिन) पर लिटिल मास्टर (गावस्कर) का 'ज्यादा प्यार' ही दर्शाता है। सचिन इन दिनों अपने कैरियर के ढलान पर हैं और अपने फॉर्म को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
गावस्कर कुछ महीने पहले सचिन के आउट होने के तरीके से बेहद नाखुश दिखे और इशारों में ही सचिन को संन्यास तक की सलाह दे डाली हालांकि बाद में गावस्कर ने अपने बयान का बचाव भी कर लिया। ऐसा ही बयान गावस्कर ने मुंबई टेस्ट में सचिन के फेल हो जाने के बाद भी दिया। गावस्कर ने तो इस बार यह कह दिया कि सेलेक्टर सचिन से उनके भविष्य के बारे में बात करें और फैसला लें।
गावस्कर ने अपने इस बयान को भी ढंकते हुए एक निजी चैनल पर कहा कि सचिन को अकेला छोड़ देना चाहिए। हालांकि गावस्कर ने इस बयान में यह कहीं नहीं कहा कि उन्हें संन्यास लेना चाहिए या नहीं! जबकि गावस्कर ने कहा कि भारत में सीनियर खिलाड़ियों की इज्जत की जाती है इसलिए सचिन को उन्हें अपना फैसला लेने दें।