बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, कोविड-19 जांच में पॉजिटिव आने के बाद पंत ने लंदन में 10-दिवसीय पृथकवास पूरा कर लिया है और ‘ठीक हो रहे हैं‘ लेकिन उनका डरहम में टीम के बायो-बबल (जैव सुरक्षित माहौल) में शामिल होना बाकी है।
बीसीसीआई के इस अधिकारी ने गोपनीयता के शर्त पर बताया, ‘अगर पंत अभ्यास मैच के लिए समय पर पहुंच जाते, तो भी उन्हें मैच के लिए जरूरी फिटनेस हासिल करने के लिए पर्याप्त आराम दिया जाएगा। उनमें बीमारी के लक्षण नहीं है लेकिन नॉटिंघम में शुरुआती टेस्ट से पहले अच्छी तरह से अभ्यास करने की आवश्यकता होगी।’
उन्होंने कहा, ‘पंत और एहतियात के तौर पर पृथकवास में समय बिता रहे ऋद्धिमान साहा दोनों पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे।’
टीम प्रबंधन की नजरें हालांकि मयंक पर होगी क्योंकि चोटिल शुभमन गिल के श्रृंखला से बाहर होने के बाद पहले टेस्ट में रोहित शर्मा के साथ उनकी सलामी जोड़ी बनाने की संभावना है। मयंक ऑस्ट्रेलिया दौरे से अच्छे लय में नहीं हैं। ऑस्ट्रेलिया में रोहित के आने के बाद वह अंतिम 11 से बाहर हो गए थे।
राहुल ने भी टेस्ट करियर के अपने 2000 रन में से ज्यादातर स्कोर पारी का आगाज करते हुए ही किया है। यह समझा जा रहा है कि अगर अनुभवी बल्लेबाजों में से कोई (अजिंक्य रहाणे) लय हासिल करने में नाकाम रहा तो राहुल का इस्तेमाल मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में किया जा सकता है ।
काउंटी एकादश की इस टीम में ज्यादातर युवा खिलाड़ी है जिसमें सिर्फ जेम्स ब्रासे ही इंग्लैंड की मौजूदा अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा है। भारत दूसरी पारी में हालांकि सलामी बल्लेबाजी में राहुल और मयंक दोनों को ही आजमा सकता है। मैच हालांकि तीन दिन का होने के कारण दूसरी पारी की संभावना ज्यादा नहीं है।
गेंदबाजी विभाग में, मोहम्मद सिराज खुद को परखना चाहेंगे और जसप्रीत बुमराह कुछ विकेट चटकाकर लय हासिल करना चाहेंगे।