उन्होंने कहा, ‘मुझे अच्छे से याद है कि राहुल भाई ने कहा था कि मयंक ये चीजें तुम्हारे हाथ में नहीं हैं। तुमने मेहनत की और यहां तक पहुंचे। चयन तुम्हारे हाथ में नहीं है। मैं पूरी तरह से उनसे सहमत हूं। ये बातें सैद्धांतिक रूप से समझ में तो आती हैं, लेकिन व्यावहारिक तौर पर इन्हें समझना मुश्किल होता है।’