आईसीसी महिला विश्व कप क्रिकेट में विस्फोटक आगाज करने वाली भारतीय टीम अपनी लय को बरकरार रखते हुए रविवार को गत चैमिपयन इंग्लैंड को भी पस्त करने के इरादे से उतरेगी। भारत ने ग्रुप ए में जहां पहले मैच में वेस्ट इंडीज को 105 रन से करारी शिकस्त दी थी वहीं इंग्लैंड को इसी ग्रुप में शुक्रवार को श्रीलंका के हाथों आखिरी गेंद पर एक विकेट से उलटफेर भरी हार का सामना करना पड़ा था।
भारत यदि इंग्लैंड को दूसरी शिकस्त का स्वाद चखा देता है तो उसका सुपर सिक्स में पहुंचना सुनिश्चित हो जाएगा जबकि गत चैंपियन इंग्लैंड की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। भारतीय टीम ने अपने पहले मैच में खेल के सभी विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने छह विकेट पर 284 रन बनाए थे जो उसका विश्व कप इतिहास में सर्वश्रेष्ठ स्कोर था। भारत ने फिर कैरेबियाई टीम को मात्र 179 रन पर लुढका दिया था।
भारत और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में एक बार फिर सभी निगाहें ओपनर तिरूष कामिनी पर रहेंगी जिन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 100 रन बनाकर विश्व कप में पहली भारतीय शतकधारी होंने का गौरव हासिल किया था।
कामिनी के अलावा उनकी ओपनिंग जोडीदार पूनम राउत ने भी शानदार 72 रन बनाए थे। झूलन गोस्वामी और हरमनप्रीत कौर भी अच्छी फार्म में हैं। कप्तान मिताली राज के पास पहले मैच में कुछ करने के लिए ज्यादा समय बचा नहीं था। वह आठवें नम्बर पर मैदान में उतरी थीं।
गेंदबाजी में झूलन गोस्वामी, नागार्जन निरंजना और गौहर सुल्ताना का प्रदर्शन बेहतरीन रहा था। लेकिन अब उनके पास इंग्लिश बल्लेबाजों की चुनौती होगी जो पलटवार करने को बेताब होंगी। इंग्लैंड के लिए पिछले मैच में हीथर नाइट ने 38, जेनी गुन 52 और एमी जोंस ने 41 रन बनाए थे। लेकिन ओपनर और कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स को फार्म में लौटना होगा। एडवर्ड्स श्रीलंका के खिलाफ मात्र नौ रन पर आउट हो गई थीं। टॉप आर्डर में डेनियल वाइट और लिडिया ग्रीनवे को भी बडा स्कोर बनाना होगा।
इंग्लैंड की गेंदबाजी को डेथ ओवरों में थोड़ी और कुशलता दिखानी होगी। कैथरीन ब्रंट, जार्जिया एल्विस और एरन ब्रिंडल भारतीय बल्लेबाजों के सामने मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं। इंग्लैंड के लिए करो या मरो के इस मुकाबले में चैंपियन टीम को अपना सबकुछ झोंकना होगा।
रविवार को ग्रुप ए के एक अन्य मुकाबले में श्रीलंका और वेस्टइंडीज की महिला टीमों की भिड़ंत होगी। इंग्लैंड पर जीत के बाद नए जोश से लबरेज श्रीलंका टीम दूसरी जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी। दूसरी तरफ केरेबियाई टीम मुकाबले में बने रहने के लिए अपनी पहली जीत दर्ज करना चाहेगी क्योंकि उसका आखिरी ग्रुप मुकाबला चैंपियन इंग्लैंड से होना है।