दिल्ली डेयरडेविल्स ने उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे अपने स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह का पुरजोर समर्थन किया है। आईपीएल-8 में अभी तक युवराज 12 मैचों में 18.63 की औसत से 205 रन ही बना पाए हैं। आईपीएल नीलामी में 16 करोड़ रुपये की कीमत वाले युवराज के समर्थन में टीम के सीईओ हेमंत दुआ ने कहा कि युवराज ने पिछले दिनों अपने बयान में सही कहा था कि मैंने तो किसी को 16 करोड़ रुपये देने के लिए नहीं कहा था।
दुआ ने कहा कि खिलाड़ियों की नीलामी में कीमत मार्केट तय करती है। आईपीएल प्लेऑफ की होड़ से बाहर हो चुकी दिल्ली डेयरडेविल्स के सीईओ ने कहा कि एक फ्रेंचाइजी के तौर पर कोई भी टीम किसी खिलाड़ी को जितना संभव हो कम कीमत पर लेना चाहती है लेकिन बोली शुरू होने के बाद कीमत मार्केट के हिसाब से तय होती है। दूसरी फ्रेंचाइजी टीमें भी होती हैं जो कीमत बढ़ाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम का युवराज को पूरा समर्थन है।
टीम के सीईओ ने माना कि बड़ी कीमत के तमगे से खिलाड़ी का प्रदर्शन प्रभावित होता है। खिलाड़ी कितना भी बड़ा क्यों न हो आखिरकार एक इंसान ही हैं। जब खिलाड़ी नहीं चलता है तो हर तरफ से होने वाली आलोचनाओं का कुछ तो दबाव होता है। खासतौर पर सोशल मीडिया काफी हाइप बढ़ाता है। दुआ को उम्मीद है कि युवी जल्द ही फॉर्म में लौटेंगे।
युवराज और जहीर की उम्र को लेकर जब उनसे पूछा गया कि क्या ये दोनों खिलाड़ी टीम की दीर्घकालिक योजनाओं में शामिल हैं तो उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ियों पर निर्भर करता है यदि वे फिट हैं और खेलना चाहते हैं तो हमें कोई समस्या नहीं है। कैरियर को लेकर कोई भी फैसला व्यक्तिगत होता है।
सम्मान बचाने उतरेंगे डेयरडेविल्स
प्लेऑफ में लगभग जगह पक्की करने के बाद अंक तालिका में शीर्ष पर काबिज चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम मंगलवार को खिताब की होड़ से बाहर हो चुकी दिल्ली डेयरडेविल्स पर जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। 12 मैच में आठ जीत और चार हार के साथ चेन्नई के 16 अंक हैं, जबकि इतने ही मैचों में आठ हार व चार जीत से दिल्ली के 8 अंक हैं और वह सातवें नंबर पर है।
दिल्ली की टीम को अपने पिछले चार मुकाबलों में हार मिली है। बेशक दिल्ली का अभियान अभी तक भयावह रहा है, लेकिन इस टीम के पक्ष में एक यह बात जा सकती है कि उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं है और अब उसके सामने सम्मान की लड़ाई जीतने की चुनौती है। दिल्ली के लिए इस सत्र में कोई भी चीज उसके पक्ष में नहीं रही। डुमिनी और श्रेयस अय्यर ने कुछ हद तक नियमित रूप से रन बनाए, लेकिन अकेले टीम को जीत दिलाने के लिए यह नाकाफी ही साबित हुए। गेंदबाजी के मोर्चे पर जहीर खान ने अच्छी वापसी की, लेकिन अंतिम कुछ मैचों में उसके प्रमुख स्पिन हथियार इमरान ताहिर लय खो बैठे।
वहीं चेन्नई की टीम हर विभाग में संतुलित है। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज टीम को अच्छी शुरुआत दे रहे हैं तो मध्यक्रम के खिलाड़ी उसका अच्छा लाभ उठा रहे हैं। और जब कभी बल्लेबाज अधिक स्कोर नहीं कर पाते तो गेंदबाज टीम को जीत दिलाने का बीड़ा उठा लेते हैं। टीम ने अपने पिछले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को मात दी, जिसमें रविंद्र जडेजा ने 4 ओवर में महज 11 रन देकर 4 विकेट चटकाए। निश्चित रूप से इस मुकाबले में चेन्नई की टीम दावेदार के तौर पर उतरेगी, लेकिन आखिरकार क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है।