फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शादी के निर्णय ने बदल दी शिखर की जिंदगी

Sat, 16 Mar 2013 07:51 PM IST
हेमंत रस्तोगी/मोहाली
विज्ञापन
विज्ञापन
यह कहानी बिलकुल फिल्मी लगती है। पिछले नौ सालों में शिखर धवन ने वह सब कुछ किया जो उन्हें भारतीय टीम का दरवाजा दिखाने के लिए काफी था। मौका मिला भी तो उसे भुना नहीं पाए। लेकिन जिंदगी के एक सबसे अहम व कठिन निर्णय ने इस बल्लेबाज के व्यक्तित्व को बदलकर रख दिया।
विज्ञापन


शिखर के लिए कुछ माह पूर्व अपने से उम्र में बड़ी और दो बेटियों की मां आएशा से शादी का निर्णय आसान नहीं था। हरभजन सिंह की मदद से सोशल नेटवर्किंग साइट पर चैटिंग से पनपे प्यार से शादी ने एक नए परिपक्व शिखर को जन्म दिया। जिसका रूप मोहाली के पीसीए स्टेडियम में शनिवार को देखने को मिला।

सच्चाई यह है कि कुछ माह पूर्व ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली आधी अंग्रेज और आधी बंगाली आएशा मुखर्जी से शादी के बाद शिखर में जबरदस्त परिपक्वता आई है। खुद शिखर ने कई मौकों पर इस बात को स्वीकार किया है। शिखर के बचपन के कोच मदन शर्मा भी कहते हैं कि शादी के बाद वह परिपक्व हुआ है। यह निर्णय बताता है कि वह मानसिक रूप से कितना बड़ा बन गया है। यह पारी इसी सोच का नतीजा है।
विज्ञापन


खुद शिखर ने 185 रनों पर नाबाद लौटने के बाद कहा कि वह अपनी दोनों बेटियों आलिया (11) व रिया (सात) व पत्नी आएशा को धन्यवाद देना चाहते हैं। जिस वक्त वह बल्लेबाजी कर रहे थे उस दौरान वे उनके लिए भगवान से प्रार्थना कर रही थीं।
 
शिखर ने खुलासा किया कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम में जाने के बाद उन्होंने सबसे पहले मेलबर्न में पत्नी आएशा को फोन लगाया। यह उनके लिए बेहद भावनात्मक क्षण था। शिखर ने पत्नी की पहली शादी से हुए दो बच्चों को अपना कहने में कभी हिचक नहीं दिखाई। उन्होंने दोनों का हमेशा अपना नाम दिया।

2004 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में 505 रन ठोकने के बाद शिखर ने जब आंध्र प्रदेश के खिलाफ 16 नवंबर 2004 को दिल्ली के लिए रणजी ट्राफी में पदार्पण किया तो कप्तान अजय जडेजा को यही उम्मीद थी कि सौ करके आएगा। शिखर 49 पर आउट हुए तो जडेजा ने माथा पकड़ लिया।

2010 में वन डे के लिए भारतीय टीम में पहली बार चुने गए तो दूसरी ही गेंद पर क्लिंट मैकाय का शिकार बन गए। एक साल बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला टी-20 खेला तो पांच रन ही बना पाए। ऊपर से टेस्ट क्रिकेट में उनके ही साथी वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की जोड़ी का स्थापित होना उनके लिए और मुश्किल था।
विज्ञापन


मदन के मुताबिक शिखर ने उनसे कहा था कि वह इस बार मौका नहीं गंवाएगा। उसने वाकई करके दिखा दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें