भारतीय पारी की पहली गेंद मिचेल स्टार्क मुरली विजय को तो नहीं डाल पाए। गेंद उनके हाथ से छिटककर नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े शिखर धवन के विकेट पर जाकर लगी। शिखर उस वक्त क्रीज से बाहर थे।
लेकिन कप्तान माइकल क्लार्क ने खेल भावना दिखाते हुए अपील नहीं की। उस दौरान पवेलियन लौटते वक्त वह विजय से हंसते हुए कह रहे थे पहले टेस्ट में बिना गेंद खेले आउट होने का यह नया इतिहास बन जाना था। लेकिन शिखर ने नाबाद 185 रन ठोक दूसरा ही इतिहास बना दिया।
शिखर के मुताबिक इस तरह की शुरूआत किसी का भी सपना हो सकती है। हां, अब वह काफी परिपक्व हो गए हैं और उन्होंने अपने को काफी बदला भी है। आज उनका शॉट का चयन अच्छा था। खूब चौके निकल रहे थे। शतक के पास पहुंचा तो थोड़ा दबाव में था। लेकिन यह उतना ज्यादा नहीं था जितना पहले होता था।
शिखर ने यह भी खुलासा कि जब वह अपने पहले वन डे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शून्य पर आउट हो गए थे तो उस वक्त कप्तान धोनी और सुरेश रैना ने कहा था कि जो खिलाड़ी अपने पहले मैच में जीरो पर आउट होते हैं बाद में बड़े खिलाड़ी बनते हैं।
शिखर के मुताबिक कोच की ओर से प्लास्टिक की गेंद से कराई गई प्रैक्टिस ने काफी काम किया है। वह सचिन तेंदुलकर से टेस्ट कैप लेने के लिए अपने को भाग्यशाली मानते हैं। यह उनके लिए ऐतिहासिक क्षण था। यह उनका सपना भी था कि सचिन से टेस्ट कैप लें। सचिन ने कैप देने के दौरान उनसे कहा कि सभी जानते हैं कि वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और इसी तरह का खेल उन्हें दिखाना है।