पिछले सीजन के अपने सबसे कामयाब दक्षिण अफ्रीकी आतिशी विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक का चोट के कारण आईपीएल-10 के लिए उपलब्ध न होना दिल्ली डेयरडेविल्स को अब तक के अपने छह मैचों में शिद्दत से अखरा। दिल्ली ने ऐसे में कॉक की जगह वेस्ट इंडीज के ऑलराउंडर मर्लोन सैमुअल्स को शामिल कर अपने शीर्ष क्रम को मजबूत किया है। सैमुअल्स दाएं हाथ के बल्लेबाज तो हैं ही उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाज होने के कारण दिल्ली को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी अतिरिक्त विकल्प देंगे।
कॉक की जगह 36 वर्षीय सैमुअल्स को आईपीएल 10 में बाकी मैचों के लिए दिल्ली का अपनी टीम में शामिल करने का फैसला एकदम सही है। दिल्ली अपना अगला मैच शुक्रवार को कोलकाता में केकेआर के खिलाफ खेलेगी। समय समय पर विवादों में रहे सैमुअल्स के शनिवार को दिल्ली डेयरडेविल्स टीम से जुड़ने की उम्मीद है। सैमुअल्स टी-20 विश्व कप 2012 में वेस्टइंडीज की टीम को फाइनल जिता चुके हैं। वो फाइनल में मैन ऑफ द मैच रहे थे।
बल्लेबाजी को मजबूती देंगे मार्लोन सैमुअल्स
मार्लन सैम्युल्स
- फोटो : BCCI
डी कॉक ने दिल्ली के लिए आईपीएल 9 में 2016 में एक शतक और तीन अर्द्धशतक सहित मैचों में सबसे ज्यादा 445 रन बनाए थे। दिल्ली को कॉक के साथ ज्यां पॉल डुमिनी का निजी कारणों से उपलब्ध न होना भी बुरी तरह अखर रहा है। इन दोनों की गैर मौजूदगी में दिल्ली की बल्लेबाजी मौजूदा आईपीएल में संजू सैमसन(6 मैचों में 224 रन), श्रेयस अय्यर (4 मैच, 104 रन), ऋषभ पंत (6 मैच, 141 रन) और सैम बिलिंग (5मैच, 138 रन) जैसे युवा बल्लेबाजों पर निर्भर रही है। दिल्ली अपने छह में से जो चार मैच करीबी संघर्ष में हारी उसका एक बड़ा कारण नाजुक मौकों पर उसके इन युवा बल्लेबाज का अनुभव के अभाव में विकेट गंवाना था।
मर्लोन सैमुअल्स को मैच के मिजाज के मुताबिक गियर बदल कर खेलना खूब आता है। सैमुअल्स को इस साल आईपीएल की नीलामी में किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था। वह आईपीएल में अंतिम बार अब से चार बरस पहले पुणे वॉरियर्स के लिए खेले थे। हालांकि इससे पहले सैमुअल्स ने 2012 में आठ मैचों में आठ विकेट लेने के साथ करीब सवा सौ रन बनाए थे। सैमुअल्स ने अब तक कुल 149 टी-20 मैचों में दो शतकों और 25 अर्द्धशतकों सहित कुल 3757 रन बनाए हैं और 68 विकेट लिए हैं।