वह कहते हैं, '2014 के विराट कोहली और आज 2018 के विराट कोहली एकदम जुदा हैं । 2018 के विराट अब बेहद परिपक्व बल्लेबाज हैं। वन-डे में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज विराट कोहली इंग्लैंड में इस बार टेस्ट सीरीज में बल्ले से रनों की बौछार कर ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को पीछे छोड़ कर टेस्ट में भी नंबर एक बल्लेबाज बनने की पुरजोर कोशिश करेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार विराट इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में बेहतरीन बल्लेबाजी कर यह भुला देंगे कि 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ उसके घर में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में उन्होंने महज 134 रन ही बनाए थे।'
विराट कोहली अपने जीवट से बल्लेबाजी कर यह साबित कर चुके हैं उन्हें दबाव में खेलना बहुत रास आता है। विराट ऐसे बल्लेबाज हैं दबाव जितना ज्यादा होता है उतनी ही बेहतर बल्लेबाजी वह करते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वन डे सीरीज के आखिरी दोनों मैचों में भारतीय बल्लेबाज विराट पर जरूरत से ज्यादा निर्भर दिखी। विराट की ताकत उनका खुद पर भरोसा है। बस टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी केवल विराट पर निर्भर रही तो यह अच्छा नहीं होगा।
भारतीय टीम के मुरली विजय और केएल राहुल सरीखे अन्य बल्लेबाजों को भी विराट के साथ बल्लेबाजी का भार बांटना होगा। मनिंदर कहते हैं, 'भारत की बल्लेबाजी बहुत हद पिछले सीरीज के सबसे कामयाब टेस्ट बल्लेबाज और इंग्लैंड में काउंटी मैच में रंग में दिखे मुरली विजय ने हाफ सेंचुरी जड़ कर दिखाया कि वह इस टेस्ट सीरीज के लिए पूरे तैयार हैं। शिखर धवन की मौजूदा फॉर्म उनको लेकर मुझे बहुत भरोसा नहीं जगाती है।'