तेज बारिश और तूफान को देखकर लग ही नहीं रहा था कि फाइनल मैच शुरू भी हो पाएगा, लेकिन बारिश थमी और मैच शुरू हुआ तो काफी समय बर्बाद होने के बाद अंपायरों ने ओवरों की संख्या घटाकर मुकाबले को 15-15 ओवरों का कर दिया। खिताबी मुकाबला रोमांचक रहा और अंत तक खींचा, मैच का समापन एक बार फिर धोनी के छक्के ने कराया। जोरदार जीत के साथ भारत ने छठी बार एशिया कप पर कब्जा जमा लिया।
खिताबी जीत के लिए मिले 121 रनों के लक्ष्य के जवाब में भारत ने 7 गेंद शेष रहते 8 विकेट से मैच जीत लिया। शिखर धवन (60) ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली।
इससे पहले टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद बांग्लादेश ने महमुदुल्लाह के स्लॉग ओवरों में खेली गई विस्फोटक पारी के दम पर 15 ओवर में 5 विकेट पर 120 रन बना लिए। महमुदुल्लाह ने 12वें ओवर में क्रीज पर आते ही आतिशी पारी खेली और 13 गेंदों में 2 चौके-2 छक्के के साथ 33 रनों की नाबाद पारी खेल डाली जिससे मेजबान टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर सकी। भारत की ओर से 4 गेंदबाजों ने 1-1 विकेट झटके। आशीष नेहरा काफी कीफायती रहे जिन्होंने 3 ओवर में एक विकेट पर 14 रन ही दिए।
नेहरा ने दिया पहला झटका
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरे बांग्लादेशी ओपनरों तमीम इकबाल (13) और सौम्य सरकार (15) ने आते ही भारतीय गेंदबाजों की धुनाई करनी शुरू कर दी। चौकों की बरसात करते हुए बांग्लादेशी बल्लेबाजों भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के माथे की सिलवटे बढ़ा दी। चौकों की बरसात के बीच बांग्लादेश को पहला झटका तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने दिया। दोनों ओपनरों ने 5 आतिशी चौके लगाए।
मैच के पांचवें ओवर में दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने तमीम का विकेट लेकर भारत की झोली में दूसरी सफलता डाली। शुक्रवार को चोटिल हुए शाकिब उल हसन फिट नजर आए। उन्होंने लंबे हिट भी लगाए। हालांकि 21 रन के निजी स्कोर पर वह फिरकी गेंदबाज आर अश्विन का शिकार हुए।
12वें ओवर में रविंद्र जडेजा की गेंद पर पहले कप्तान धोनी ने रन आउट किया, फिर अगली गेंद पर बांग्लादेशी कप्तान मशरफे मुर्तजा बिना खाता खोले बाउंड्री पर कैच आउट हुए। डेथ ओवरों में बांग्लादेशी बल्लेबाजों ने अच्छा खेल दिखाया।