सिडनी में टीम इंडिया का अजेय रथ रुकने के साथ ही वह वर्ल्ड कप की खिताबी रेस से बाहर हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 95 रनों से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार फाइनल का टिकट कटा लिया।
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फाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को जीत के लिए 329 रनों का लक्ष्य मिला लेकिन पूरी टीम 46.5 ओवर में 233 रन बनाकर आउट हो गई। उसकी ओर से कप्तान धोनी ने 65 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली। जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से जेम्स फॉकनर ने 3 और मिचेल स्टॉर्क और मिचेल जॉनसन को 2-2 सफलता हासिल हुई।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने खराब शुरुआत से उबरते हुए स्टीवन स्मिथ (105) के शानदार शतकीय पारी की बदौलत 50 ओवर में 7 विकेट पर 328 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से तेज गेंदबाज उमेश यादव ने सर्वाधिक 4 विकेट झटके। जबकि मोहित शर्मा को 2 और आर अश्विन को एक सफलता हासिल हुई।
टीम इंडिया की हार के साथ ही वर्ल्ड कप इतिहास में उसकी लगातार 11 जीत का सिलसिला सिडनी में थम गया। इस टूर्नामेंट में वह लगातार सातवीं के बाद सेमीफाइनल में पहुंची थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप के अपने सातवें सेमीफाइनल में भी जीत का सिलसिला कायम रखते हुए सातवीं बार फाइनल में जगह बना ली।
वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया को सेमीफाइनल में हराने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने 29 मार्च को मेलबर्न में होने वाले खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड से भिड़ने का टिकट हासिल कर लिया है।
हार के बावजूद भारतीय पारी की एक खास बात यह रही कि शिखर धवन ने एक वर्ल्ड कप में 400 से ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बना दिया। वह इस मुकाम को छूने वाले ओवरऑल चौथे भारतीय और इस टूर्नामेंट में पांचवें बल्लेबाज बन गए।
उमेश के 'चौका' के साथ-साथ स्मिथ का शतक
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहली ही ओवर में मोहम्मद शमी ने पगबाधा आउट की जोरदार अपील की लेकिन डेविड वॉर्नर आउट होने से बच गए। हालांकि वह ज्यादा देर तक क्रीज पर डटे नहीं रह सके और चौथे ओवर की पहली गेंद पर उमेश यादव ने वॉर्नर (12) को कवर में विराट कोहली के हाथों कैच आउट कराया।
उमेश ने पिछले कई मौकों पर टीम इंडिया को शुरुआती सफलता दिलाई है और सेमीफाइनल में भी वह कामयाब रहे। वॉर्नर जब आउट हुए तब टीम के खाते में महज 15 रन ही जुडे थे। हालांकि उन्होंने आउट होने से पहले उमेश के पिछले ओवर की अंतिम गेंद पर छक्का जड़ा था।
उनके जाने के बाद फिंच का साथ देने स्टीवन स्मिथ क्रीज पर आए और कंगारू पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने टीम को सौ के पार पहुंचाया। वर्ल्ड कप से पहले टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को खूब परेशान करने वाले स्टीवन स्मिथ ने आज भी गेंदबाजों को खूब छकाया और फिंच से पहले ही अपनी फिफ्टी 53 गेंदों में जड़ दी। इसके बाद इस साझेदारी ने शतक लगाया। फिर टूर्नामेंट में नाकाम रहे फिंच ने भी लय हासिल करते हुए 82 गेंदों में अर्धशतक ठोंक दिया। स्मिथ के बाद एरोन फिंच ने भी अपने पचास रन पूरे कर लिए।
33वें ओवर में मोहम्मद शमी की गेंद पर पहले छक्का और फिर चौका लगाकर स्मिथ ने अपना शतक पूरा किया। धोनी ने इस जोड़ी को तोड़ने की काफी कोशिश की लेकिन उन्हें 34 ओवर तक तक कोई सफलता नहीं मिली। 35वें ओवर ने धोनी ने उमेश को गेंदबाजी की कमान सौंपी और पहली ही गेंद पर उमेश ने स्टीवन स्मिथ को (105) को आउट कर अपनी टीम को दूसरी सफलता दिला दी। स्मिथ के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया के तूफानी बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल बल्लेबाजी करने उतरे। आते ही मैक्सवेल ने तेज खेलना शुरू किया लेकिन 38वें ओवर में आर अश्विन ने आकर उन्हें (23) को आउट कर टीम को तीसरा विकेट दिलाया।
अगले ओवर में उमेश (4 विकेट) ने एरोन फिंच (81) को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को चौथा झटका दिया। वर्ल्ड कप में फॉर्म को लेकर जूझ रहे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क (10) मोहित शर्मा ने आउट कर पांचवीं सफलता दिलाई। फिर उमेश और मोहित ने एक-एक विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को सात झटके दिए। 49वें ओवर की पहली गेंद पर ऑस्ट्रेलिया ने 300 रन पूरे किए।
अच्छी शुरुआत के बाद टीम इंडिया को लगा दोहरा झटका
फाइनल के लिए ऑस्ट्रेलिया से मिले 329 रनों के लक्ष्य के जवाब में टीम इंडिया को रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी से एक अच्छी शुरुआत की दरकार थी जिसे दोनों ने पहले विकेट के लिए 76 रनों की साझेदारी कर पूरी कर दी।
दोनों बल्लेबाजों ने बेहद सधे अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की और शुरुआत में बड़े आक्रमण करने से बचते रहे। लेकिन एक बार लय में आने के बाद धवन ने तेज बल्लेबाजी शुरू कर दी। हालांकि एक ओवर में लगातार 3 गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाने वाले धवन को चौथे ओवर में आसान जीवनदान भी मिला था। दोनों ने 10वें ओवर में टीम के स्कोर को 50 के पार पहुंचाया। एक समय जब यह लग रहा था कि यह जोड़ी टिक गई है और बड़ी साझेदारी की ओर जा रही है तो 13वें ओवर में जोश हैजलवुड की गेंद को पुल करने के चक्कर में ग्लेन मैक्सवेल को कैच थमा बैठे।
बाएं हाथ के बल्लेबाज धवन 41 गेंदों में 45 रन बनाकर आउट हुए। उनके जाने के बाद विराट कोहली क्रीज पर आए और उनसे वर्ल्ड कप में एक और बड़ी पारी की आस थी, लेकिन वह 13 गेंदों में एक रन बनाकर मिचेल जॉनसन की गेंद पर विकेटकीपर हैडिन को कैच थमा बैठे। वह बाउंस होती गेंद पर बड़ा शॉट खेलना चाहते थे लेकिन गेंद ने बल्ले के ऊपरी किनारा को छुआ और गेंद हवा में चली गई जिसे विकेटकीपर ने लपक लिया।
धवन के आउट होने के बाद कोहली के क्रीज पर आने के साथ ही स्टेडियम में उनकी गर्लफ्रेंड अनुष्का शर्मा भी आ गई थी लेकिन उनके सस्ते में आउट हो जाने वह उनकी बड़ी पारी नहीं देख सकीं।
मध्य क्रम की नाकामी ने टीम इंडिया को संकट में डाला
बड़े लक्ष्य के जवाब में महज 2 रन के अंदर 2 विकेट गंवाने से टीम इंडिया की रन गति पर असर पड़ा और 22वें ओवर में सौ रन बना सकी। इससे पहले रोहित शर्मा का साथ देने अब क्रीज पर आए अजिंक्य रहाणे। दोनों ने सधी अंदाज में पारी को आगे बढ़ाया और रोहित ने जॉनसन की गेंद पर छक्का भी जड़ दिया लेकिन वह अगली ही गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने 48 गेंदों में 34 रन बनाए। भारत के शीर्ष 3 विकेट 91 रन पर गिए गए थे।
टीम को अब अगली उम्मीद सुरेश रैना से थी जो इन दिनों अच्छे फॉर्म में दिख रहे थे लेकिन वह भी महज 7 रन बनाकर जेम्स फॉकनर की गेंद पर कैच आउट हो गए। विकेटों के पतन के बीच भारत को एक अच्छी साझेदारी की जरूरत थी जिसे रहाणे ने कप्तान धोनी के साथ पांचवें विकेट के लिए 70 रनों की साझेदारी कर पूरी करने की कोशिश की लेकिन क्रीज पर टिक जाने के बाद वह (44 रन, 68 गेंद) भी कैच आउट हो गए। अंपायर ने इस बल्लेबाज को नॉटआउट करार दिया था लेकिन कप्तान क्लार्क ने स्टीवन स्मिथ की सलाह पर फैसले का रिव्यू लिया और उन्हें पांचवीं सफलता मिल गई।
कप्तान धोनी क्रीज पर थे और रवींद्र जडेजा के साथ पारी को आगे बढ़ाया। विकेटों के पतन के कारण रन बनाने की गति गिर गई थी और भारत को मैच में जीत हासिल करने के लिए अंतिम 12 ओवर में 12 से ज्यादा की औसत से रन बनाने थे। भारत ने 41वें ओवर में 200 रन पूरे किए।