त्रिकोणीय वनडे सीरीज में बने रहने के लिए ऑस्ट्रेलिया को यह मैच हर हाल में जीतना जरूरी था जिसे कंगारुओं ने मिचेल मार्श की शानदार अर्धशतकीय पारी और बाद में गेंदबाजों के दम पर जीत दर्ज करा ली।
दक्षिण अफ्रीका और जिंबाब्वे के हाथों मिली शर्मनाक हार के बाद ऑस्ट्रेलिया पर इस मैच में जीत का भारी दबाव था। कंगारू बल्लेबाज इस मैच में बड़ा स्कोर तो खड़ा नहीं कर सके थे, इसलिए इस मैच में जीत का दारोमदार गेंदबाजों के हाथ में था, जिन्होंने अपनी टीम को निराश नहीं करते हुए 6 ओवर शेष रहते अफ्रीकी टीम को ऑलआउट कर बड़ी जीत हासिल कर ली।
ऑस्ट्रेलिया ने बोनस अंक के साथ इस मैच में जीत हासिल की है और फाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनी हुई है। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली तीसरी टीम जिंबाब्वे की है।
प्लेसिस का शतक भी काम न आया
दक्षिण अफ्रीका को उम्मीद थी कि टीम इस बार भी उसी तरह का प्रदर्शन करेगी जैसे उसने पिछले मैच में किया था। लेकिन इस मैच में बल्लेबाजों ने टीम को निराश किया।
फैफ डु प्लेसिस (126) को छोड़ दिया जाए तो सिर्फ 3 बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा पार कर सके। प्लेसिस ने शतकीय पारी खेलते हुए टीम की उम्मीद को बनाए रखी थी लेकिन 42वें ओवर में वह हिटविकेट हो गए और टीम की उम्मीदें टूट गई। प्लेसिस ने 109 गेंदों में 8 चौके और 6 छक्के की मदद से 126 रन बनाए। रेयान मैक्लॉरेन ने 24 रनों का योगदान दिया।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल जॉनसन, ग्लेन मैक्सवेल, केन रिचर्डसन और मिचेल मार्श ने 2-2 सफलता हासिल की। जबकि पिछले मैच में 4 विकेट झटकने वाले फिरकी गेंदबाज नाथन ल्योन इस मैच में एक विकेट ही हासिल कर सके। अफ्रीकी टीम 44 ओवर में 220 रन बनाकर आउट हो गई।
आलरांउड प्रदर्शन के लिए ऑस्ट्रेलिया के मिचेल मार्श को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
ह्यूज को छोड़कर संघर्ष करते रहे अन्य बल्लेबाज
दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैच में जोरदार शुरुआत हुई। पहले विकेट के लिए ऐरोन फिंच (16) और फिल ह्यूज (85) ने 10 ओवर में ही 46 रनों की साझेदारी कर डाली। इस साझेदारी को रेयान मैक्लॉरेन ने फिंच को कैच आउट कराकर तोड़ा।
फिंच का विकेट गंवाने के बाद स्टीवन स्मिथ ह्यूज का साथ देने क्रीज पर आए और दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की। इस बीच ह्यूज ने 51 गेंदों में अपना अर्धशतक भी ठोक दिया। लगभग पांच रन प्रति ओवर की औसत से कंगारुओं ने 22 ओवर में 100 रन पूरे कर लिए।
लेकिन फिरकी गेंदबाज इमरान ताहिर की कसी हुई गेंदबाजी के आगे कंगारुओं को रन बनाने में काफी दिक्कतें आईं। स्मिथ 36 रन बनाकर ताहिर की गेंद पर कैच आउट हुए। ह्यूज भी 85 रन के निजी स्कोर पर चलते बने।
डेल स्टेन के ओवर में पहली बार 'हैट्रिक' छक्का
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई टीम की रन मशीन कहे जाने वाले ग्लेन मैक्सवेल लगातार दूसरे मैच में भी फ्लॉप हो गए। वह 2 रन के निजी स्कोर पर डेल स्टेन के शिकार हुए।
कप्तान जॉर्ज बैली ने 35 गेंदों में 32 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक समय 44 ओवर में 5 विकेट पर 202 रन था और क्रीज पर मिचेल मार्श और ब्रैड हैडिन खेल रहे थे दोनों पर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी थी।
हैडिन की तुलना में मार्श ने आतिशी पारी खेली। 47वें ओवर में मार्श ने तूफानी गेंदबाज डेल स्टेन के ओवर में लगातार 3 छक्का जड़ दिया। स्टेन के बेमिसाल वनडे करियर में ऐसा पहली बार हुआ है जब उन पर किसी बल्लेबाज ने 'हैट्रिक' छक्का लगाई है। 'हैट्रिक' छक्कों के दम पर मार्श ने इसी ओवर में अपना अर्धशतक भी पूरा किया।
मिचेल मार्श ने 51 गेंदों में नाबाद 86 रन (5 चौका और 7 छक्का) बनाए जिसके दम पर ऑस्ट्रेलिया 7 विकेट पर 282 रन बनाने में सफल रहा।