मेलबर्न में खेले गए 11वें वर्ल्ड कप के पहले दिन के दोनों मुकाबले मेजबान टीम के पक्ष में रहे। न्यूजीलैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भी 300 से ज्यादा का लक्ष्य दिया और फिर बड़े अंतर से मैच जीत भी लिया।
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मेजबान ऑस्ट्रेलिया से मिले 343 रनों के विशाल लक्ष्य के जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 41.5 ओवर 231 रन बनाकर आउट हो गई। तेज गेंदबाज मिचेल मार्श के 33 रन पर झटके 5 विकेटों के आगे इंग्लैंड की टीम मैच में कभी संभल नहीं सकी। हालांकि उसके मध्य क्रम के बल्लेबाज जेम्स टेलर ने 90 गेंदों में नाबाद 98 रन बनाए लेकिन वह अपने शतक से सिर्फ 2 रन से दूर रह गए। ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच 111 रनों के बड़े अंतर से जीता।
इंग्लैंड का अंतिम विकेट बड़े ही नाटकीय अंदाज में गिरा। जोश हैजलवुड की गेंद पर जेम्स टेलर ने शॉट खेला लेकिन गेंद पैड पर लगकर बाहर निकल गई। अपील पर अंपायर ने बल्लेबाज को रन आउट दे दिया लेकिन डीआरएस ने उन्हें नाबाद करार दिया। लेकिन रन लेने के लिए दौड़ चुके एंडरसन के क्रीज पार करने से पहले ऐरोन फिंच ने सीधे थ्रो से बल्लेबाज को रन आउट कर दिया। अंपायर को अंततः रन आउट देना पड़ा और इसके साथ ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच जीत लिया।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने ओपनर ऐरोन फिंच (135) के शतक के अलावा ग्लेन मैक्सवेल (66) और कप्तान जॉर्ज बैली (55) की शानदार पारियों के दम पर 50 ओवर में 9 विकेट पर 342 रन बनाए।
ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंतिम ओवर इंग्लैंड के लिए बेहद शानदार रहा क्योंकि इस ओवर में तेज गेंदबाज स्टीवन फिन ने चौथी गेंद पर ब्रैड हैडिन (31), पांचवीं गेंद पर मैक्सवेल (66) और अंतिम गेंद पर मिचेल जॉनसन (0) के विकेट लेकर हैट्रिक बना ली।
पहले ही दिन वर्ल्ड कप में लगा शतक
टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का न्योता मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने शानदार शुरुआत की। ऑस्ट्रेलिया की ओर से डेविड वॉर्नर और ऐरोन फिंच ने तेज शुरुआत की और 7 ओवर में 50 रनों की साझेदारी कर डाली। हालांकि इस दौरान फिंच को दो आसान जीवनदान भी मिले, जिसका फायदा उन्होंने जमकर उठाया और शतक ठोंक दिया।
पहले विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी करने के बाद वॉर्नर 22 रन बनाकर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसकी अगली गेंद पर शेन वॉटसन (0) विकेट के पीछे लपके गए। भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज और त्रिकोणीय सीरीज में कमाल की बल्लेबाजी करने वाले स्टीवन स्मिथ भी नहीं चले और महज 5 रन बनाकर आउट हो गए।
13 रनों के अंदर 3 विकेट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया की रन बनाने की गति धीमी पड़ गई, लेकिन एक छोर पर टिके फिंच ने वर्ल्ड कप 2015 के पहले ही दिन टूर्नामेंट का पहला शतक लगाने के साथ ही कप्तान जॉर्ज बैली (55) के साथ 146 रनों की साझेदारी कर टीम की स्थिति में बैलेंस कर दिया। फिंच एक सीधे थ्रो से रन आउट हो गए। उन्होंने 128 गेंदों में 135 रन (12 चौके और 3 छक्के) बनाए।
फिंच के अलावा कप्तान बैली ने भी अर्धशतक लगाया। बैली के जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने मिचेल मार्श (23) को कैच आउट कराया। इसके बाद अंतिम ओवरों में मैक्सवेल का बल्ला जमकर चला और कंगारू टीम ने 300 रनों के आंकड़े को पार कर लिया। मैक्सवेल ने भी अर्धशतक ठोंका।
इंग्लैंड की ओर से ब्रॉड के 2 विकेट के लिए स्टीवन फिन ने 2 और क्रिस वोक्स ने एक सफलता हासिल की।
मार्श के 'पंजे' से बाहर निकल ही नहीं सका इंग्लैंड
बड़े लक्ष्य के जवाब इंग्लैंड को ठोस और विस्फोटक शुरुआत की दरकार थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पांचवें ओवर में मोइन अली 10 रन के निजी स्कोर पर मिचेल स्टॉर्क की गेंद पर कैच आउट हो गए। इसके थोड़ी देर बाद गैरी बैलेंस भी 10 रन बनाकर पवेलियन चलते बने। वह तेज गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क के इस मैच में पहले शिकार बने।
इसके बाद 14वें ओवर में मार्श ने मेहमान टीम की सबसे बड़ी उम्मीद इयान बेल (36) और जोई रुट (5) को लगातार 2 गेंदों में आउट कर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। टीम को बड़ा झटका तब लगा जब उसके विस्फोटक बल्लेबाज और कप्तान इयोन मोर्गन खाता खोले बगैर ही मार्श के शिकार बन गए। मार्श ने मैच में अपनी पांचवीं सफलता हासिल करते हुए जोस बटलर को भी आउट कर दिया। इस मैच में दोनों टीमों की ओर से एक-एक तेज गेंदबाजों ने 5-5 विकेट झटके।
हालांकि एक छोर पर मध्य क्रम के बल्लेबाज जेम्स टेलर (नाबाद 98) ने रन बनाते हुए टीम को वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में 200 से कम स्कोर पर आउट होने से बचा लिया। उन्होंने शानदार अर्धशतक लगाया।
मार्श ने 33 रन देकर 5 विकेट लिए। जबकि मिचेल स्टॉर्क और मिचेल जॉनसन ने 2-2 सफलता हासिल की।