आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। बीसीसीआई के लचीले रवैये और क्रिकेट में बढ़ते भ्रष्टाचार पर राजनीतिक स्तर पर अंकुश लगाने की बात होने लगी है।
राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो ने बीसीसीआई के बारे में कहा है कि बीसीसीआई अलीबाबा की टीम है। इसे कौन संभालेगा। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री लालू की पार्टी आरजेडी ने मुश्किलों में घिरे भारतीय क्रिकेट बोर्ड के मुखिया एन श्रीनिवासन का समर्थन किया है और उनसे इस्तीफा देने की मांग को ठुकरा दिया है।
आरजेडी के वरिष्ठ नेता और बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) के कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दकी ने कहा, 'उन पर (श्रीनिवासन) कोई आपराधिक मामला नहीं है इसलिए उन्हें पद छोड़ने की जरूरत नहीं है।' लालू प्रसाद यादव बीसीए के अध्यक्ष हैं।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्दकी ने कहा, 'कानून में साफ लिखा है कि अगर किसी की पत्नी या बेटा किसी गैरकानूनी कार्य में संलिप्त पाया जाता है तो उस व्यक्ति पर आपराधिक जवाबदेही नहीं बन जाती।' सिद्दकी ने कहा कि बीसीसीआई की अनुशासन समिति स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच कर रही है। हमें उसके परिणाम के आने का इंतजार करना चाहिए।
लालू के नेतृत्व वाली बीसीए बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त करने की कोशिशों में जुटी है। वहीं बीसीए की प्रतिद्वंद्वी एसोसिएशन आफ बिहार क्रिकेट (एबीसी) के मुखिया कीर्ति आजाद बहुत पहले ही श्रीनिवासन का इस्तीफा मांग चुके हैं।
आज ही खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी श्रीनिवासन से इस्तीफा मांगा है।