गरानी ने कहा, 'अपने पूरे जीवन में मैंने देश की सेवा करने का सपना देखा है और मेरे लिए यह एक मौका है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह इतनी जल्दी आएगा। उन्होंने आईपीएल के दौरान मुझमें कुछ देखा होगा। यह वास्तव में मेरी जिंदगी का अहम मोड़ है।'
आईपीएल कर तुलना में हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चुनौती बहुत बड़ी होगी लेकिन नागरिक पुलिस का चुनौतीपूर्ण काम करने वाले गरानी के लिए यह ज्यादा परेशान करने वाला नहीं होगा।
कोहली और भारतीय टीम के अन्य बल्लेबाजों को अभ्यास करने के लिए तैयार गरानी ने कहा, 'मैं इस नई चुनौती के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार हूं।' लगातार तीन घंटे तक 140 से अधिक की गति से गेंदबाजी (थ्रो-डाउन) करना मुश्किल काम है लेकिन गरानी इस चुनौती के लिये तैयार है।
बेहद गरीबी में बचपन गुजारने वाले गरानी ने कहा, 'बचपन में मैं जिमनास्ट और शारीरिक तौर पर काफी मजबूत था। बाउंसर, यॉर्कर या फुल लेंग्थ , बल्लेबाज जैसा चाहे मैं वैसी गेंदबाजी के लिए तैयार हूं।'
गरानी ने नागरिक पुलिस के तौर पर काम करते हुए क्रिकेट टूर्नामेंटों में स्थानीय स्तर पर कोलकाता पुलिस का प्रतिनिधित्व किया है। वह बंगाल के ट्रेनर संजीव हारू दास के संपर्क में आने के बाद 2016 में आंध्र रणजी टीम से जुड़े जहां उन्होंने टेस्ट विशेषज्ञ हनुमा विहारी और भारतीय अंडर-19 टीम के पूर्व कप्तान रिकी भुई को थ्रो-डाउन पर अभ्यास करवाया था। यही पर पंजाब के को मुनीश बाली ने उनका नाम किंग्स इलेवन पंजाब के लिए सुझाया।
गरानी ने कहा कि लोकेश राहुल, क्रिस गेल और अनिल कुंबले के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना शानदार रहा। उन्होंने कहा, 'आईपीएल से मेरी बहुत सारी सुखद यादें हैं। यह एक शानदार अनुभव था और सभी ने मेरे काम को पसंद किया और कहा कि मेहनत करते रहो।'