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कोहली ने मानी स्टीव वॉ की सलाह तो लंबे समय तक रहेंगे कामयाब

Thu, 16 Apr 2015 04:38 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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विराट कोहली को महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी माना जा रहा है लेकिन दोनों का व्यवहार एक-दूसरे की तरह ही बिल्कुल अलग है।
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टीम इंडिया के वनडे कप्तान धोनी जहां तनावपूर्ण माहौल में भी खुद पर नियंत्रण बनाए रखने में माहिर हैं वहीं कोहली छोटी-छोटी बातों पर ही अपना आपा खो देते हैं। धोनी मैदान पर हों या मैदान के बाहर वह इतने शांत रहते हैं कि उन्हें कैप्टन कूल कहा जाता है, जबकि कोहली व्यवहार में अपने आक्रामक तेवर के लिए जाने जाते हैं।

पिछले साल के अंत में धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान ही भारत की टेस्ट टीम की कमान कोहली को सौंप दी गई। हालांकि कप्तान बनने के बाद भी उनके तेवर में कोई कमी नहीं आई है। क्रिकेट जगत के कुछ बड़े चेहरे जहां कोहली को उनकी आक्रामक तेवर यूं ही बनाए रखने की सलाह देते हैं तो कुछ का मानना यह है कि इस युवा कप्तान को अपने पूर्ववर्ती कप्तान की संयम व्यववहार की शैली को अपनाना चाहिए।
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कोहली के बारे में यह बात मशहूर है कि उनकी आलोचना करने वाले को वह छोड़ते नहीं हैं और हर बात का जवाब देने का मौका भी नहीं गंवाते। कोहली धोनी को कितना मान देते हैं यह तो वही जानते होंगे लेकिन ऑस्ट्रेलिया को वर्ल्ड चैंपियन बनवाने वाले स्टीव वॉ का कहना है कि कोहली को धोनी से काफी कुछ सीखना चाहिए।

कोहली और धोनी इस समय आईपीएल-8 में व्यस्त हैं और क्रमशः रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर और चेन्नई सुपर किंग्स की अगुवाई भी कर रहे हैं।
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'धोनी से सीखें अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करना कोहली'

ऑस्ट्रेलिया को वर्ल्ड कप दिलवाने वाले स्टीव वॉ मानते हैं कि विराट कोहली को परिपक्व कप्तान बनने के लिए महेंद्र सिंह धोनी से सीखना चाहिए कि अपनी भावनाओं पर किस तरह से काबू पाया जाता है। कोहली पिछले साल 30 दिसंबर को उस समय भारत की टेस्ट टीम के कप्तान बन गए हैं थे जब मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के बाद धोनी ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सीरीज के चौथे मैच में कोहली ने सिडनी में टेस्ट ड्रॉ कराया था। हालांकि भारत यह सीरीज 4-0 से हार गया।

स्टीव मानते हैं कि कोहली को अभी काफी कुछ सीखना होगा। उन्होंने कहा, "कोहली को अभी परपिक्व होना है। उनके साथ इस वर्ल्ड कप में कुछ समस्या थी। वह बहुत जल्द जोश में आ जाते हैं तो बहुत जल्द भावुक भी हो जाते हैं, साथ ही निजी मामलों पर भी भावुक हो जाते हैं। बतौर कप्तान आपको एक ऐसा माहौल बनाना पड़ता है मानो उसके आसपास कुछ हुआ ही न हो। धोनी ने ऐसा ही किया। वह कोहली के लिए रोल मॉडल बन सकते हैं।"

लॉरियस स्पोटर्स अवार्ड्स कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उन्होंने आगे कहा, "धोनी कभी परेशान नहीं हुए कि लोग क्या कहते हैं। आंतरिक चीजें उन्हें बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करतीं। वह साधारण बने रहते हैं और अपना काम बेहतर तरीके से करते हैं। मुझे कोहली का जोश बेहद पसंद है। आप हर बार लड़ाई से शुरुआत नहीं कर सकते हो वह भी तब जब आप एक कप्तान हो। यह उन्हें पीछे ढकेल सकता है। उन्हें अपना जोश नहीं खोना चाहिए लेकिन उन्हें इसके इस्तेमाल के लिए स्मार्ट होना होगा।"

यहां तक की माइकल क्लार्क के लगातार अनफिट होने के कारण ऑस्ट्रेलिया टीम की कमान जल्द ही युवा क्रिकेटर स्टीवन स्मिथ के हाथों आ जाएगी। उन्होंने कोहली और ‌‌स्मिथ की शैली पर कहा कि हर किसी का अपना-अपना व्यक्तित्व होता है। दोनों ही बड़े खिलाड़ी हैं। कोहली के पास शानदार तकनीक है तो स्मि‌थ के पास बढ़िया नियंत्रण है। दोनों ही असाधारण प्रतिभा के धनी हैं, दोनों ही काफी रन बनाते हैं और आगे चलकर लंबे समय के लिए टीम का नेतृत्व करेंगे।

टीम इंडिया का कोच बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्‍होंने कभी सोचा ही नहीं। फिलहाल के लिए वह इसके लिए उपयुक्त उम्मीदवार नहीं हैं। उन्हें खेल की अच्छी समझ है लेकिन कोचिंग की जानकारी शून्य है।
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