पाकिस्तान के बल्लेबाज खालिद लतीफ पर स्पॉट फिक्सिंग मामले में शामिल होने के कारण 10 साल तक का बैन लग सकता है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तीन सदस्यीय एंटी करप्शन ट्रिब्यूनल ये फैसला जल्द ही सुना सकती है।
लाहौर हाई कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता वाली ट्रिब्यूनल खालिद के स्पॉट फिक्सिंग मामले पर मंगलवार या बुधवार में से किसी एक दिन अपना फैसला सुना सकती है। ट्रिब्यूनल ने पाकिस्तान के एक अन्य बल्लेबाज शर्जील खान पर पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में इसी तरह के आरोपों की वजह से पांच साल का बैन लगाया है। पीसीबी के भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के तहत शर्जील खान और खालिद लतीफ को फरवरी में पीएसएल की शुरुआत से पहले ही निलंबित करके दुबई से घर भेज दिया गया।
पीसीबी के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ट्रिब्यूनल में शामिल बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और पूर्व टेस्ट कप्तान वसीम बारी, खालिद को पीसीबी की भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के सभी आरोपों में दोषी पा सकते हैं। उन्होंने पीटीआई से कहा, 'पीसीबी ने खालिद पर 8 आरोप लगाए हैं। इनमें से चार गंभीर है और अगर ट्रिब्यूनल ने इन सभी को स्वीकार कर लिया तो फिर बल्लेबाज पर 10 साल तक का प्रतिबंध लग सकता है।'
खालिद पर एक और आरोप ये भी है कि उन्होंने शर्जील खान को बुकी से मिलाया और पीएसएल में स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने के लिए प्रभावित किया। खालिद के वकील बद्र आलम ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज करके ट्रिब्यूनल के गठन पर सवाल किए और उनके क्लाइंट के प्रति पक्षपात की बात भी कही।'