श्रीलंका के हाथों 138 रनों की करारी हार झेलकर भारतीय टीम आईसीसी महिला विश्व कप से बाहर हो गई है। वहीं इस शानदार जीत के साथ ही श्रीलंका ने ग्रुप 'ए' की ओर से अंतिम छह में स्थान पक्का कर लिया है। इस ग्रुप में इंग्लैंड दो मैच जीतकर पहले ही सुपर सिक्स में पहुंच चुका है।
श्रीलंका के दिए 283 रनों के लक्ष्य के जवाब में पूरी भारतीय टीम 42.2 ओवर में महज 144 रनों पर ढेर हो गई। दोनों टीमों के बीच खेले गए कुल 18 मुकाबलों में श्रीलंका की यह पहली जीत है।
भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही। भारत ने ओपनर पूनम रावत (5) का विकेट जल्द गंवा दिया। कप्तान मिताली राज का खराब फार्म जारी रहा और वह सिर्फ 20 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। पिछले मैच की शतकवीर हरमनप्रीत कौर इस बार अपना खाता भी नहीं खोल सकी जबकि तिरूष कामिनी (22) एक खराब शॉट खेलकर पवेलियन लौट गई।
करुणा जैन भी आठ रन जबकि झूलन गोस्वामी 22 रन बनाकर आउट हो गई। रीमा मल्होत्रा ने सर्वाधिक 38 रन बनाए। गौहर सुल्ताना 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। श्रीलंका की ओर से चामिनी सिनेविरतना और शशिकला श्रीवर्द्घने ने दो-दो विकेट झटके। दीपिका रसंगिक को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
श्रीलंका ने बनाए 282 रन
यशोदा मेंडिस, दीपिका रासंगिक, कौशल्या और एस श्रीवर्द्घने के अर्द्घशतकीय पारी के बदौलत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 282 रन बनाए। झूलन गोस्वामी ने श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज चामारी अट्टापट्टू (4) को सस्ते में आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। लेकिन के इसके बाद श्रीलंकाई बल्लेबाज पूरी तरह भारतीय गेंदबाजों पर हावी दिखे।
यशोदा मेंडिस और दीपिका रासंगिका की जोड़ी ने दूसरे विकेट के लिए 117 रनों की साझेदारी कर श्रीलंका को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। मेंडिस ने 80 गेंदों में 55 रन बनाए। दीपिका ने 109 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 89 रनों की शानदार पारी खेली।
आखिरी ओवरों में श्रीवर्द्घने और इशानी कौशल्या की जोड़ी ने टीम के लिए तेजी से रन जुटाए। श्रीवर्द्घने ने 67 गेंदों में 59 रनों की पारी खेली। जबकि कौशल्या 31 गेंदों में 56 रन बनाकर नाबाद रही। भारत की ओर से झूलन गोस्वामी ने सर्वाधिक तीन विकेट झटके और एक सफलता अमिता शर्मा को मिला।