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अंतिम इच्छा के अनुसार दी ‘पहले द्रोण’ को विदाई

Sat, 17 Aug 2013 11:26 PM IST
चंडीगढ़/ब्यूरो
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द्रोणाचार्य अवार्डी व कपिल देव के गुरु देश प्रेम आजाद ने अमर उजाला में लिखे अपने लेख ‘द्रोणाचार्य के अचूक तीर’ के अंक में लिखा था कि ‘मेरी आखिरी यात्रा सेक्टर-16 के स्टेडियम के सामने से जानी चाहिए’।
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उनकी इस इच्छा का सम्मान करते हुए उनके सेक्टर-43 से सुबह 11 बजे अंतिम यात्रा शुरू हुई। एंबुलेंस में परिवार के सदस्यों के अलावा कपिल देव और चेतन शर्मा भी थे।

क्रिकेट के द्रोणाचार्य की अंतिम यात्रा की झलकियां

आजाद की अंतिम इच्छा के अनुसार उनके पर्थिव शरीर को सेक्टर-16 के क्रिकेट स्टेडियम ले जाया गया। वहां पर ज्वॉइंट डायरेक्टर स्पोर्ट्स जेपीएस सिद्घू, जिला स्पोर्ट्स अधिकारी केएस भारती, क्रिकेट कोच हरीश शर्मा, चंडीगढ़ प्रशासन के खेल एवं वित्त सचिव वीके सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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इसके बाद उनके शव को क्रीमेशन ग्राउंड ले जाया गया। वहां उनके बड़े बेटे संजीव ने उन्हें मुखाअग्नि दी।
 
उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए कपिल देव, चेतन शर्मा के साथ ही क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े कई नामी चेहरे भी पहुंचे। देश प्रेम आजाद का शुक्रवार को हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया था।

क्रिकेट के नाम था पूरा जीवन
कपिल देव ने कहा कि देश में क्रिकेट को नए मुकाम तक पहुंचाने के लिए देश प्रेम आजाद ने अपना पूरा जीवन लगा दिया। वह इस दुनिया से भले ही चले गए हाें, लेकिन उनके सिखाए हुए को हम कभी नहीं भूल सकते। अब हम उनके अधूरे कामों को पूरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि आजाद की तुलना किसी अन्य कोच से नहीं की जा सकती। उन्होंने देश को बेहतरीन क्रिकेटर दिए हैं। भरी आंखों से कपिल ने कहा कि मैंने अपना कोच और गुरु ही नहीं बल्कि बेस्ट फ्रेंड को भी खोया है। पिछले 25 सालों से हम दोस्तों की तरह से थे, जो हर बातें शेयर करते थे। उनके चले जाने से मुझे बेहद झटका लगा है।

तस्वीरों को देख नम हो गईं आखें
कपिल देव शनिवार सुबह जब अपने कोच डीपी आजाद के घर पहुंचे, तो वहां रखी तस्वीरों को देख उनकी आंखे सहसा ही नम हो गईं। वह बहुत देर तक उन तस्वीरों को निहारते रहे।
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