अपने परिवार के साथ नागरकोटि
- फोटो : Amar Ujala
हालांकि बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि नागरकोटी सिर्फ एक आईफोन के लालच में आज इतने बड़े खिलाड़ी बन पाए हैं। दरअसल नागरकोटी के कोच सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने उन्हें दो साल पहले एक आईफोन दिलवाने की बात कही थी, लेकिन कोच की शर्त थी कि पहले नागरकोटी को
अंडर-19 विश्वकप टीम में जगह बनानी होगी।
कोच से आईफोन लेने के लिए नागरकोटी ने जमकर तैयारी की और अंडर-19 विश्वकप की टीम में अपनी जगह पक्की की। हालांकि बाद में कोच से उन्हें कोई आईफोन नहीं मिला। इससे पहले उनके कोच ने जूनियर चैलेंजर ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने की शर्त रखी थी, लेकिन कमाल के प्रदर्शन के बावजूद आईफोन का नाम तक नहीं लिया।
फिर विजय हजारे ट्रॉफी के लिए राजस्थान की सीनियर टीम में चयन की शर्त रखी। वहां अपने राज्य के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में नागरकोटी उभरे, लेकिन यह पड़ाव पार करने बावजूद उनके हाथ आईफोन नहीं आया।
इतना ही नहीं
आईपीएल में सिलेक्शन को लेकर भी नागरकोटी के आगे ऐसी शर्त रखी गई थी। इस सीजन की आईपीएल नीलामी में नागरकोटी को कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीद लिया। केकेआर ने नागरकोटी को 3.2 करोड़ रुपये में खरीदा। अभी तक नागरकोटी से किया उनके कोच का वादा पूरा नहीं हुआ है। हालांकि नागरकोटी के कोच ने आज उन्हें इस काबिल बना दिया है कि वह न सिर्फ आईफोन बल्कि दुनिया का कोई भी लग्जरी फोन चुटकियों में खरीद सकता है।