उन्होंने कहा, 'मुझे पता था समय बढ़ने के साथ इस पिच पर बल्लेबाजी करना आसान होगा। दुर्भाग्य से हम साझेदारी कायम करने में सफल नहीं रहे क्योंकि हम अहम मौकों पर विकेट गंवा रहे थे। अगर चौथे दिन हमने दो या तीन विकेट खोये होते तो आखिरी दिन पूरी तरह से अलग खेल होता लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
उन्होंने कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि भारत ने हमें खेल के हर विभाग में पछाड़ा। मैच में ऐसा एक भी पल नहीं रहा जब हमें लगा हो कि हमारा पलड़ा भारी है। उन्होंने हम से ज्यादा धैर्य दिखाया और शानदार गेंदबाजी की।'
पर्थ के नए स्टेडियन में सिर्फ दो अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गये हैं और यह इस मैदान पर पहला टेस्ट मैच है। इस बात की चर्चा है कि इस पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि यह वाका मैदान की पारंपरिक पिच की तरह होगी। हम लंबे समय से गति और उछाल की बात कर रहे हैं। अगर हमें पिच से ऐसी मदद मिली तो यह शानदार बात होगी।'