अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी के बाद ईशान मलिंगा की अगुआई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर सनराइजर्स हैदराबाद ने दिल्ली कैपिटल्स को 47 रनों से हराया। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में दो विकेट पर 242 रन बनाए थे। जवाब में दिल्ली की टीम 20 ओवर में नौ विकेट पर 195 रन ही बना सकी। दिल्ली के लिए नीतीश राणा ने सबसे ज्यादा 57 रन बनाए, जबकि समीर रिजवी ने 41 और केएल राहुल ने 37 रन बनाए।
हैदराबाद तीसरे स्थान पर पहुंची
हैदराबाद के लिए ईशान मलिंगा ने चार विकेट लिए, जबकि हर्ष दुबे को तीन सफलता मिली। साकिब हुसैन और दिलशान मादुशांका एक-एक विकेट हासिल करने में सफल रहे। दिलचस्प बात यह है कि हर्ष दुबे ने आखिरी ओवर में दिल्ली को तीन झटके दिए। हैदराबाद की टीम इस जीत से अंक तालिका में आठ अंक लेकर तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स छह अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है।
खराब शुरुआत के बाद राहुल-नीतीश ने संभाला मोर्चा
हैदराबाद के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दिलशान मादुशांका ने पाथुम निसांका को आउट कर दिल्ली कैपिटल्स को पहला झटका दिया। निसांका छह गेंदों पर एक छक्के की मदद से आठ रन बनाकर आउट हुए। पहला झटका लगने के बाद केएल राहुल और नीतीश राणा ने दिल्ली की पारी को संभाला। नीतीश राणा ने 27 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। राहुल और नीतीश के बीच साझेदारी बड़ी हो रही थी कि साकिब हुसैन ने केएल राहुल को आउट कर दिल्ली कैपिटल्स को दूसरा झटका दिया। राहुल और नीतीश ने दूसरे विकेट के लिए 86 रन जोड़े। राहुल 23 गेंदों पर एक चौका और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए।
ईशान मलिंगा ने दिया दोहरा झटका
केएल राहुल के पवेलियन लौटने के बाद नीतीश भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। ईशान मलिंगा ने नीतीश राणा को आउट कर दिल्ली कैपिटल्स को तीसरा झटका दिया। ईशान 30 गेंदों पर सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 57 रन बनाकर आउट हुए। ईशान मलिंगा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लिए। नीतीश को आउट करने के बाद अगली ही गेंद पर मलिंगा ने डेविड मिलर को बोल्ड किया। मिलर खाता भी नहीं खोल सके। हालांकि, मलिंगा हैट्रिक पूरी नहीं कर सके।
स्टब्स-रिजवी के बीच हुई साझेदारी
ईशान मलिंगा ने ट्रिस्टन स्टब्स को आउट कर दिल्ली को पांचवां झटका दिया। स्टब्स और समीर रिजवी ने दिल्ली को संभाले रखा था और लगातार बड़े शॉट्स खेलकर हैदराबाद के गेंदबाजों पर दबाव बना रहे थे। लेकिन मलिंगा ने इस साझेदारी को तोड़ दिया। स्टब्स और रिजवी के बीच पांचवें विकेट के लिए 59 रनों की साझेदारी हुई। स्टब्स 16 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर आउट हुए। मलिंगा ने इसके बाद इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे आशुतोष शर्मा को आउट किया जो 10 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 14 रन बनाकर आउट हुए।
अभिषेक-हेड ने दिलाई मजबूत शुरुआत
इससे पहले, अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। हैदराबाद के लिए अभिषेक और ट्रेविस हेड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इन दोनों बल्लेबाजों ने धीमी शुरुआत की थी, लेकिन तीन ओवर के बाद गियर बदला और अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन किया। अभिषेक की तूफानी पारी के सामने नीतीश राणा की ऑफ स्पिन और लुंगी एनगिडी की धीमी गेंदें भी बेअसर रहीं। दिल्ली कैपिटल्स की रणनीति पूरी तरह नाकाम रही। टीम ने पारी की शुरुआत कामचलाऊ स्पिनर राणा से कराई। हेड और अभिषेक के बीच पहले विकेट के लिए 97 रनों की साझेदारी हुई जिसे कप्तान अक्षर ने हेड को आउट कर तोड़ा। हेड 26 गेंदों पर दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए।
अभिषेक ने की तीन बड़ी साझेदारी
अभिषेक ने दिल्ली के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए 68 गेंदों की नाबाद पारी में 10 छक्के और इतने ही चौके लगाए। उन्होंने शुरुआती तीन विकेटों के लिए बड़ी साझेदारियां कीं। अभिषेक ने हेड के अलावा कप्तान ईशान किशन (13 गेंद में 25 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 35 गेंदों में 79 रन की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने हेनरिच क्लासेन (13 गेंद में नाबाद 37) के साथ तीसरे विकेट के लिए 32 गेंदों में 66 रन की अटूट साझेदारी कर टीम के बड़े स्कोर को सुनिश्चित किया। अभिषेक 135 रन बनाकर नाबाद लौटे जो आईपीएल इतिहास में किसी बल्लेबाज का पांचवां सर्वोच्च स्कोर भी है। दिल्ली के लिए एकमात्र सफलता अक्षर ने हासिल की। ईशान रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
दिल्ली के गेंदबाज महंगे साबित हुए
दिल्ली के स्पिन आक्रमण ने कुल आठ ओवर में 108 रन खर्च किए। पावरप्ले में 67 रन देने के बाद टीम ने सातवें से 15वें ओवर के बीच 116 रन लुटाकर मैच पर पकड़ पूरी तरह गंवा दी। अभिषेक के रुतबे को देखते हुए यह धीमी शतकीय पारी लग सकती है, लेकिन इस पारी की खासियत उनकी शॉट चयन और टाइमिंग रही। उन्होंने खासकर एनगिडी के खिलाफ गेंद को देर से खेलते हुए ज्यादातर शॉट्स विकेट के सामने लगाए। उन्होंने 47 गेंदों में शतक पूरा किया और अंत तक आक्रामक रुख बनाए रखा। क्लासेन ने आखिरी ओवरों में तीन चौके और इतने ही छक्कों की मदद से लगभग 280 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर टीम को 240 रन के पार पहुंचाया।