आरसीबी के अलावा सहवाग ने पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को प्लेऑफ में पहुंचने का दावेदार नहीं बताया है। दिग्गज क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने भी आरसीबी के प्लेऑफ में पहुंचने का समर्थन किया है। नौ में से आठ विशेषज्ञों ने सनराइजर्स हैदराबाद को फाइनल में पहुंचने का दावेदार बताया। हालांकि, आश्चर्य की बात यह है कि किसी ने राजस्थान रॉयल्स को प्लेऑफ में पहुंचने का दावेदार नहीं बताया है।
आइए जानते हैं क्रिकेट पंडितों की नजर में कौन सी चार टीमें प्लेऑफ में पहुंचने की दावेदार हैं...
- वीरेंद्र सहवाग: मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स
- एडम गिलक्रिस्ट: पंजाब किंग्स, मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स हैदराबाद, गुजरात टाइटंस
- रोहन गावस्कर: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस
- हर्षा भोगले: सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
- शॉन पोलाक: मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स
- मनोज तिवारी: सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स, गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स
- साइमन डूल: चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स
- माइकल वॉन: गुजरात टाइटंस, मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स
- एम मबांगवा: सनराइजर्स हैदराबाद, गुजरात टाइटंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स
IPL 2025: आईपीएल के पहले मैच पर छाए संकट के बादल, बारिश कर सकती है दर्शकों का मजा किरकिरा; जानिए मौसम रिपोर्ट
बीसीसीआई ने गुरुवार को आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 की शुरुआत से पहले प्लेइंग कंडीशन में कई बदलाव किए हैं। इनमें सबसे प्रमुख गेंद पर लार के इस्तेमाल पर से प्रतिबंध हटाना है। बोर्ड ने यह फैसला 10 टीमों के कप्तानों की सहमति के बाद लिया। आईसीसी ने कोरोना के दौरान गेंद को चमकाने के लिए उस पर लार लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
आईपीएल में भी इसे कुछ सत्रों तक जारी रखा गया, लेकिन अब इसे हटा दिया गया है। इसके अलावा कप्तानों की मीटिंग में धीमी ओवर गति के कारण कप्तानों पर एक मैच के प्रतिबंध के नियम पर चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि यह नियम कप्तानों पर लागू नहीं होगा। इसकी बजाय उन पर डिमेरिट अंक लगाए जाएंगे और जुर्माना लगाया जाएगा। प्रतिबंध केवल गंभीर मामलों में ही लगाया जाएगा।