भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ आईपीएल में भी करियर बनाने का मौका मिल सकता है। बीसीसीआई द्वारा श्रेयस अय्यर और ईशान किशन को घरेलू क्रिकेट में हिस्सा नहीं लेने के कारण केंद्रीय अनुबंध की पेशकश नहीं करने के विवाद के बीच गांगुली ने कहा कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर जैसे कई खिलाड़ी हैं जिन्होंने लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों क्रिकेट को सफलतापूर्वक संतुलित किया है। उन्होंने कहा कि कैसे उन्हें, राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर को प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने से दोनों प्रारूपों में खेलने में मदद मिली थी।
गांगुली ने कही यह बात
उन्होंने कहा, 'जो खिलाड़ी प्रथम श्रेणी को तवज्जो देते हैं उन्हें रेड बॉल और व्हाइट बॉल फॉर्मेट दोनों खेलने में मदद मिलती है। आईपीएल करियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में खेलने के साथ-साथ भी खेला जा सकता है। वे टकराते नहीं हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट खत्म हो जाता है और फिर आईपीएल शुरू होने में लगभग एक महीने का समय होता है। मुझे इसमें कोई समस्या नहीं दिखती। शीर्ष स्तर के कई खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट और सफेद गेंद का क्रिकेट खेलते हैं। आप कोहली, रोहित, बुमराह, केएल राहुल और ऋषभ पंत को देखिए। विश्व मंच पर मिशेल मार्श हैं। वह अब ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख लाल गेंद के खिलाड़ी हैं। हैरी ब्रूक रेड बॉल क्रिकेट खेलते हैं। वॉर्नर ने इतना टेस्ट क्रिकेट खेला, लेकिन वह सफेद गेंद के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे। यहां तक कि मेरे दिनों में सचिन, राहुल और मैं टेस्ट क्रिकेट खेला करते थे और फिर सीमित ओवर का क्रिकेट खेलते थे। आप एक फॉर्मेट खेल रहे हैं तो दूसरे को न कहने की जरूरत मुझे समझ नहीं आती।
युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन की जरूरत?
यह पूछे जाने पर क्या क्या आपको लगता है कि युवा खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन की जरूरत है? गांगुली ने कहा, 'ईशान किशन, बीसीसीआई सचिव जय शाह, अध्यक्ष रोजर बिन्नी और चयनकर्ताओं को उनसे बात करनी चाहिए। किसी खिलाड़ी ने रणजी के बाद व्हाइट बॉल क्रिकेट खेला है। क्या इसने किसी को एक खराब खिलाड़ी बना दिया है? ऐसा नहीं हुआ है।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ियों की खास तैयारी
वहीं, बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा, 'दिल्ली कैपिटल्स में चुने गए सभी खिलाड़ी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। यहां तक कि ईशांत शर्मा भी रणजी खेल चुके हैं। खलील अहमद ने लंबे समय बाद पूरा सीजन खेला है। हमने ऑफ सीजन में उनके साथ काम किया और उन्हें रणजी खेलने के लिए फिट किया। केवल एक या दो अपवाद हैं जिनसे बात करने की आवश्यकता है।'