हार्दिक पांड्या-रविचंद्रन अश्विन
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मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या के लिए आईपीएल 2024 अब तक कुछ खास नहीं रहा है। टीम को लगातार दो मैचों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। ऐसे में फैंस ने उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया है। इस बीच रविचंद्रन अश्विन ने स्टार ऑलराउंडर का समर्थन किया है और ट्रोलर्स को जमकर लताड़ लगाई है।
दरअसल, आईपीएल 2024 से पहले मुंबई इंडियंस की कप्तानी में बड़ा बदलाव देखने को मिला। टीम मैनेजमेंट ने रोहित शर्मा की जगह हार्दिक पांड्या को टीम की कमान सौंप दी। इससे काफी फैंस नाखुश हैं। यही वजह है कि गुजरात के इस खिलाड़ी को ट्रोलर्स का सामना करना पड़ रहा है। रोहित के फैंस हार्दिक को सोशल मीडिया पर निशाने पर ले रहे हैं। यहां तक कि अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच हुए मैच के दौरान हार्दिक को हूटिंग का भी सामना करना पड़ा था।
ट्रोलर्स पर भड़के अश्विन
राजस्थान रॉयल्स के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ट्रोलर्स की जमकर क्लास ली। उन्होंने हार्दिक के साथ जारी बदसलूकी पर डांट लगाई। उन्होंने पूछा कि क्या आपने कभी किसी अन्य देश में ऐसा होते देखा है। अश्विन ने कहा, "क्या आपने किसी और देश में ऐसा होते देखा है? क्या आपने जो रूट और जैक क्रॉली के फैंस को लड़ते देखा है? या क्या आपने जो रूट और जोस बटलर के प्रशंसकों को लड़ते देखा है? यह पागलपन है। क्या आपने ऑस्ट्रेलिया में स्टीव स्मिथ और पैट कमिंस के फैंस को लड़ते देखा है? मैंने कई बार बोला है। यह क्रिकेट है। यह एक सिनेमा कल्चर है। मैं जानता हूं कि मार्केटिंग, पोजिशनिंग और ब्रांडिंग जैसी चीजें हैं। मैं इससे इनकार नहीं करता। मैं अपनी तरफ से इन सब पर विश्वास नहीं करता लेकिन इसमें शामिल होना गलत भी नहीं है।"
हार्दिक नहीं दिला पाए मुंबई को पहली जीत
हार्दिक पांड्या की कप्तानी में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस की शुरुआत आईपीएल 2024 सीजन में अच्छी नहीं हुई है। गुजरात टाइंटस के खिलाफ पहला मुकाबला हारने के बाद टीम को बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद से भी हार का सामना करना पड़ा। हैदराबाद ने मुंबई के खिलाफ आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर डाला।
'वो भी हमारे देश का है'
अश्विन ने आगे कहा, "फैंस वॉर को इस बेकार राह पर कभी नहीं जाना चाहिए। याद रखना चाहिए कि ये खिलाड़ी किस देश का प्रतिनिधित्व करते हैं- हमारे देश का । तो फिर एक क्रिकेटर को निशाना बनाने का क्या औचित्य है? मुझे नहीं समझता कि अगर आप किसी खिलाड़ी को पसंद नहीं करते हैं और किसी खिलाड़ी को निशाने पर लेते हैं तो एक टीम को स्पष्टीकरण क्यों जारी करना चाहिए? हम ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। सौरव गांगुली ने सचिन तेंदुलकर के नेतृत्व में खेला और इसके उलट भी हुआ। ये दोनों राहुल द्रविड़ की कप्तानी में खेल चुके हैं। ये तीनों अनिल कुंबले के अंडर खेले हैं और ये सभी धोनी के नेतृत्व में खेल चुके हैं। जब वे धोनी के अंडर में खेले तो तीनों दिग्गज थे। धोनी भी विराट के नेतृत्व में खेले हैं।"