आईपीएल की शुरुआत 26 मार्च से हो रही है। पहले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से भिड़ेगी। इस बार टूर्नामेंट में लीग राउंड के सभी मैच मुंबई के तीन और पुणे के एक मैदान पर खेले जाएंगे। हम आपको सनराइजर्स हैदराबाद टीम का SWOT एनालिसिस करके बताएंगे। SWOT का मतलब है मजबूती (Strength), कमजोरी (Weakness), अवसर (Opportunity) और खतरे (Threat)। आइए जानते हैं कैसी है एसआरएच की टीम...
मजबूती
सनराइजर्स हैदराबाद की टीम में काफी विविधता है। टीम में मौजूद कई बल्लेबाज किसी भी पोजिशन पर बल्लेबाजी और साथ ही पार्ट टाइम बॉलिंग भी कर सकते हैं। वैसे ही टीम में मौजूद गेंदबाज बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। मध्यक्रम में कप्तान विलियम्सन के अलावा निकोलस पूरन और अब्दुल समद खेलते दिखेंगे। गेंदबाजी में टीम के पास बेहतर विकल्प हैं।
टीम ने ऑक्शन में वाशिंगटन सुंदर और रोमारियो शेफर्ड के रूप में दो बेहतरीन ऑलराउंडर खरीदे। भुवनेश्वर कुमार, टी नटराजन और उमरान मलिक तेज गेंदबाजी की कमान संभालेंगे। इसके अलावा कार्तिक त्यागी, टी नटराजन, मार्को येन्सन, शॉन एबट, उमरान मलिक, फजलहक फारूकी के रूप में टीम के पास कई तेज गेंदबाज हैं। ऐसे में हर बार की तरह टीम की गेंदबाजी मजबूत पक्ष है।
कमजोरी
टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे महत्वपूर्ण निकोलस पूरन और एडेन मार्करम का बैटिंग पोजिशन तय करना है। टी-20 विश्व कप में मार्करम ने दक्षिण अफ्रीका के लिए चौथे और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी की थी और खूब रन बनाए थे। पूरन के लिए पिछला आईपीएल बेहद खराब रहा था। हालांकि, वह तीसरे से पांचवें नंबर तक कहीं भी बल्लेबाजी कर सकते हैं। माना जा रहा है कि केन विलियम्सन और अभिषेक शर्मा ओपनिंग के लिए उतरेंगे। इसके बाद राहुल त्रिपाठी और फिर पूरन को बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा।
सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले की तरह इस नीलामी में भी सिर्फ गेंदबाजों पर ही पैसे खर्च किए, जो कि मैच के दौरान उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। बैटिंग ऑर्डर में कोई कैप्ड भारतीय बल्लेबाज नहीं है। यह टीम की सबसे बड़ी कमजोरी है।
अगर विलियम्सन किसी मैच में चोटिल होते हैं या किसी वजह से नहीं खेलते हैं, तो हैदराबाद के लिए उनका विकल्प ढूंढना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा टीम के पास कोई क्वालिटी स्पिनर नहीं है। सुंदर के अलावा श्रेयस गोपाल और अभिषेक शर्मा ही स्पिनर के तौर पर मौजूद हैं। टीम को प्लेइंग-11 के लिए एकबार फिर मशक्कत करनी पड़ सकती है।
अवसर
टीम के पास युवा खिलाड़ियों की भरमार है। साथ ही अनुभवी खिलाड़ी भी मौजूद हैं। अगर विलियम्सन और भुवनेश्वर अपने युवा खिलाड़ियों को सही तरह से मैनेज करते हैं, तो टीम बड़े उलटफेर कर सकती है। कोई भी टीम हैदराबाद को हल्के में लेने के बारे में नहीं सोचेगी। पूरन ने हाल ही में भारतीय जमीन पर टी-20 सीरीज में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की थी। वो चले तो किसी भी टीम के खिलाफ अपने दम पर जीत दिला सकते हैं।
खतरा
एसआरएच को इस साल जॉनी बेयरस्टो, मनीष पांडे और डेविड वार्नर की कमी खलेगी। इनके रहने से हैदराबाद की बल्लेबाजी में दम दिखता था। इस बार ऑरेंज आर्मी के पास राहुल त्रिपाठी, हेटमायर, मार्करम जैसे बल्लेबाज तो हैं, लेकिन इन्हें पहले खुद को साबित करना होगा।