मैच के टर्निंग प्वाइंट
1. लखनऊ के कप्तान केएल राहुल ने टॉस हारने के बाद एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की। दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे पर राहुल पुराने अंदाज में दिखे और 68 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने चौथे विकेट के लिए दीपक हुड्डा के साथ 87 रन की बेहतरीन साझेदारी की और दोनों ने बहुत सूझबूझ के साथ बल्लेबाजी की। तीन विकेट जल्दी गिरने के बावजूद दोनों ने रन रेट नहीं गिरने दिया और इसका फायदा टीम को मिला।
2. अर्धशतक लगाने के बाद हुड्डा 16वें ओवर की पहली गेंद पर आउट हो गए थे। इसके बाद राहुल भी 19वें ओवर की पहली गेंद पर पवेलियन लौट गए। लखनऊ की टीम का स्कोर इस समय 144 रन था। इसे 170 तक ले जाने में आयुष बदोनी ने अहम योगदान दिया। उन्होंने 19 रन की छोटी, लेकिन अहम पारी खेली और अपनी टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया।
3. हैदराबाद के सामने 170 रन का लक्ष्य था और मैच जीतने के लिए अच्छी शुरुआत की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कप्तान विलियम्सन 16 रन बनाकर आउट हो गए। 38 रन के अंदर दोनों ओपनर पवेलियन लौट गए और यह टीम पावरप्ले का फायदा नहीं उठा पाई। यहीं से हैदराबाद मैच में पिछड़ गई।
4. हैदराबाद के लिए राहुल त्रिपाठी ने 44 रन की अहम पारी खेली, लेकिन कोई बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सका। अंत में वो भी बड़ा शॉट खेलकर आउट हो गए। उनके अलावा पूरन ने 34 और सुंदर ने 18 रन बनाए।
5. हैदराबाद के लिए अंत में पूरन और सुंदर ने अच्छी बल्लेबाजी की थी और ऐसा लग रहा था कि ये दोनों अपनी टीम को मैच जिता सकते हैं, लेकिन आवेश खान ने 18वें ओवर में दो विकेट लेकर मैच पलट दिया। उन्होंने पहले पूरन और फिर अब्दुल समद को आउट किया। इस ओवर में उन्होंने सात रन खर्चे और मैच अपनी टीम के पक्ष में कर दिया।
चार विकेट लेकर लखनऊ को मैच जिताने वाले आवेश खान
कैसा रहा दोनों कप्तानों का प्रदर्शन
भारत के युवा राहुल ने इस मैच में अनुभवी विलियम्सन की तुलना में बेहतरीन कप्तानी की। टीम चयन से लेकर फील्ड सेटिंग और गेंदबाजों को चलाने तक, हर मामले में राहुल विलियम्सन से बेहतर नजर आए। उन्होंने इस मैच में सिर्फ पांच गेंदबाजों का इस्तेमाल किया और सभी को सही तरीके से चलाया। राहुल ने दूसरा ओवर क्रुणाल पांड्या से कराया और अपने प्रमुख गेंदबाज आवेश का सही इस्तेमाल किया, जिसने मैच में चार विकेट निकाले।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए उन्हें बड़ा स्कोर बनाना था और उन्होंने जल्दीबाजी में शॉट खेलने की बजाय संभलकर बल्लेबाजी की। वहीं जब सुंदर बल्लेबाजी के लिए आए तो कवर की दिशा में भी फील्डर लगाया। आवेश को 20वें या 19वें ओवर के लिए रोकने की बजाय उनसे 18वां ओवर कराया और यहीं से मैच पलट गया।
वहीं विलियम्स ने इस मैच में कई गलतियां की। उन्हें पता था कि उनकी बल्लेबाजी कमजोर है, इसके बावजूद उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने का फैसला किया। बड़ा लक्ष्य मिलते ही पूरी टीम दबाव में आ गई और सभी बल्लेबाज एक-एक करके विकेट फेंकते चले गए। उन्होंने खुद समझदारी से बल्लेबाजी नहीं की और चौका लगाने के चक्कर में आउट हो गए। वहीं सुंदर ने शुरुआत में शानदार गेंदबाजी की थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने दूसरे स्पिन गेंदबाज अब्दुल समद को सिर्फ एक ओवर दिया। वो उमरान मलिक का भी सही इस्तेमाल नहीं कर पाए और वो बहुत महंगे साबित हुए।
पावरप्ले में लखनऊ को दो झटके देने वाले वॉशिंगटन सुंदर