फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RCB vs SRH Analysis: डुप्लेसिस-कोहली-मैक्सवेल और कार्तिक की चौकड़ी पहली बार एक साथ फेल, दूसरे ओवर में ही हार गई थी आरसीबी

Sun, 24 Apr 2022 06:51 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईपीएल के मौजूदा सीजन में यह पहला अवसर है जब फाफ डुप्लेसिस, विराट कोहली, ग्लेन मैक्सवेल और दिनेश कार्तिक की चौकड़ी एक मैच में एक साथ फेल हुई है। इससे पहले चारों में से किसी न किसी का बल्ला जरूर चलता था।
विज्ञापन
फाफ डुप्लेसिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

23 अप्रैल का दिन आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए पिछले कुछ सालों में ठीक नहीं रहा है। पांच साल बाद फिर से टीम इस दिन तीन अंकों तक नहीं पहुंच पाई। 2017 में 49 रन पर ऑल आउट हुई थी तो 2022 में 68 रन पर। संयोग से इसी दिन आरसीबी के नाम आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर दर्ज है। उसने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 263 रन बनाए थे। उसके बाद 23 अप्रैल की तारीख टीम के लिए अच्छी नहीं रही है।
विज्ञापन


आईपीएल के मौजूदा सीजन में यह पहला अवसर है जब फाफ डुप्लेसिस, विराट कोहली, ग्लेन मैक्सवेल और दिनेश कार्तिक चौकड़ी एक मैच में एक साथ फेल हुई है। इससे पहले चारों में से किसी न किसी का बल्ला जरूर चलता था। इन चारों के अलावा अन्य बल्लेबाजों ने भी क्रीज पर टिकने की हिम्मत नहीं दिखाई। सनराइजर्स ने 69 रन के लक्ष्य को आठ ओवर में एक विकेट पर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ वह अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं, आरसीबी चौथे पायदान पर है।

विराट कोहली को यानसेन ने आउट किया - फोटो : IPL/BCCI
मैच में टर्निंग पॉइंट
दक्षिण अफ्रीका के बाएं के तेज गेंदबाज मार्को यानसेन ने अपने पहले ही ओवर में फाफ डुप्लेसिस, विराट कोहली और अनुज रावत को आउट कर आरसीबी के लिए मैच खत्म कर दिया था। यह आरसीबी की पारी का दूसरा ओवर था। यानसेन ने पहली गेंद पर डुप्लेसिस को बोल्ड किया। दूसरी गेंद पर कोहली को स्लिप में एडेन मार्कराम के हाथों कैच कराया। इसके बाद छठी गेंद पर अनुज रावत को भी मार्कराम के हाथों ही कैच कराया। एक ओवर में तीन विकेट गिर जाने के बाद आरसीबी की टीम मैच में वापस नहीं आ सकी।

फाफ डुप्लेसिस और केन विलियमसन - फोटो : IPL/BCCI
दोनों कप्तानों ने कैसा प्रदर्शन किया?
सबसे पहले बात केन विलियमसन की करें तो फिल्डिंग के दौरान उन्होंने गजब की कप्तानी की। डुप्लेसिस के आउट होते ही दूसरे स्लिप पर खिलाड़ी को बुला लिया। कोहली अक्सर ड्राइव करने के चक्कर में स्लिप में कैच थमा बैठते हैं। विलियमसन इस बात को जानते थे। उन्होंने इसलिए मार्कराम को वहां लगाया। अगली गेंद पर सबकुछ विलियमसन के प्लान के मुताबिक हुआ। यानसेन की बाहर जाती गेंद कोहली के बल्ले से लगकर स्लिप में मार्कराम के हाथों में चली गई। इसके बाद विलियमसन ने गेंदबाजी में लगातार बदलाव किए और आरसीबी की टीम को टिकने नहीं दिया।

बल्लेबाजी की बात करें तो उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर 64 रनों की साझेदारी की। विलियमसन अंत तक आउट नहीं हुए। 17 गेंद पर 16 रन बनाकर वे नॉट आउट रहे और टीम को जीत तक पहुंचाया। दूसरी ओर, फाफ डुप्लेसिस बल्ले से नाकाम रहे। पांच रन बनाकर यानसेन की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद उनकी टीम 68 रनों पर सिमट गई। उनके लिए फिल्डिंग के दौरान कुछ करने को बचा नहीं था।

अभिषेक शर्मा और केन विलियमसन - फोटो : IPL/BCCI
सनराइजर्स के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: सबसे पहले तो उनके गेंदबाजों ने कातिलाना गेंदबाजी की। सबने योगदान दिया। यानसेन ने इसकी शुरुआत की और नटराजन ने खत्म किया। अच्छी गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि तीन विकेट लेने वाले यानसेन सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने 6.20 की इकोनॉमी से रन दिए। इस इकोनॉमी रेट को आमतौर पर टी20 में बेहतरीन माना जाता है। भुवनेश्वर, नटराजन, जे सुचित और उमरान मलिक सबने विकेट लिए और रन कम दिए। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा ने अपने दम पर टीम को जीत दिला दी।

नकारात्मक पक्ष: इस मैच में सनराइजर्स के लिए कुछ भी खराब नहीं रहा। यहां तक कि किसी खिलाड़ी ने कैच भी नहीं छोड़ा। हां, विलियमसन की बल्लेबाजी को लेकर चिंता हो सकती है। उन्होंने पूरे सीजन में धीमी बल्लेबाजी की है। इस मैच में उनके पास हाथ खोलने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने 17 गेंद पर 16 रन बनाए।
विज्ञापन

ग्लेन मैक्सवेल, विराट कोहली, माइक हेसन और संजय बांगर - फोटो : IPL/BCCI
आरसीबी के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष:
जिस तरह सनराइजर्स के लिए मैच में ज्यादा कुछ नकारात्मक नहीं था उसी तरह आरसीबी के लिए सकारात्मक नहीं है। बल्लेबाज नहीं चले और उनके बाद गेंदबाज भी महंगे साबित हुए।

नकारात्मक पक्ष: टीम के सिर्फ दो बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू सके। मैक्सवेल और प्रभुदेसाई को छोड़कर किसी ने क्रीज पर टिकने की हिम्मत नहीं दिखाई। एक के बाद एक बल्लेबाज आउट होते गए। वहीं, गेंदबाजी में किसी ने पावरप्ले में टीम को सफलता नहीं दिलाई। अगर एक-दो विकेट निकल गए होते तो कम से कम मैच 10 ओवर तक जाता। ऐसे में आरसीबी को रनरेट में ज्यादा नुकसान नहीं होता।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें