विराट कोहली को यानसेन ने आउट किया
- फोटो : IPL/BCCI
फाफ डुप्लेसिस और केन विलियमसन
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दोनों कप्तानों ने कैसा प्रदर्शन किया?
सबसे पहले बात केन विलियमसन की करें तो फिल्डिंग के दौरान उन्होंने गजब की कप्तानी की। डुप्लेसिस के आउट होते ही दूसरे स्लिप पर खिलाड़ी को बुला लिया। कोहली अक्सर ड्राइव करने के चक्कर में स्लिप में कैच थमा बैठते हैं। विलियमसन इस बात को जानते थे। उन्होंने इसलिए मार्कराम को वहां लगाया। अगली गेंद पर सबकुछ विलियमसन के प्लान के मुताबिक हुआ। यानसेन की बाहर जाती गेंद कोहली के बल्ले से लगकर स्लिप में मार्कराम के हाथों में चली गई। इसके बाद विलियमसन ने गेंदबाजी में लगातार बदलाव किए और आरसीबी की टीम को टिकने नहीं दिया।
बल्लेबाजी की बात करें तो उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर 64 रनों की साझेदारी की। विलियमसन अंत तक आउट नहीं हुए। 17 गेंद पर 16 रन बनाकर वे नॉट आउट रहे और टीम को जीत तक पहुंचाया। दूसरी ओर, फाफ डुप्लेसिस बल्ले से नाकाम रहे। पांच रन बनाकर यानसेन की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद उनकी टीम 68 रनों पर सिमट गई। उनके लिए फिल्डिंग के दौरान कुछ करने को बचा नहीं था।
अभिषेक शर्मा और केन विलियमसन
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सनराइजर्स के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: सबसे पहले तो उनके गेंदबाजों ने कातिलाना गेंदबाजी की। सबने योगदान दिया। यानसेन ने इसकी शुरुआत की और नटराजन ने खत्म किया। अच्छी गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि तीन विकेट लेने वाले यानसेन सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने 6.20 की इकोनॉमी से रन दिए। इस इकोनॉमी रेट को आमतौर पर टी20 में बेहतरीन माना जाता है। भुवनेश्वर, नटराजन, जे सुचित और उमरान मलिक सबने विकेट लिए और रन कम दिए। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा ने अपने दम पर टीम को जीत दिला दी।
नकारात्मक पक्ष: इस मैच में सनराइजर्स के लिए कुछ भी खराब नहीं रहा। यहां तक कि किसी खिलाड़ी ने कैच भी नहीं छोड़ा। हां, विलियमसन की बल्लेबाजी को लेकर चिंता हो सकती है। उन्होंने पूरे सीजन में धीमी बल्लेबाजी की है। इस मैच में उनके पास हाथ खोलने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने 17 गेंद पर 16 रन बनाए।
ग्लेन मैक्सवेल, विराट कोहली, माइक हेसन और संजय बांगर
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