मिचेल मार्श (बाएं)। साथ में दिल्ली टीम के खिलाड़ी
बीसीसीआई के कोरोना प्रोटोकॉल के मुताबिक, बायो-बबल में मौजूद सभी खिलाड़ियों और स्टाफ की हर पांचवें दिन जांच की जा रही है। पिछले साल हर तीसरे दिन जांच होती थी। हालांकि, फ्रेंचाइजियों को भी छूट दी गई है कि अगर वह अपने खिलाड़ियों की हर रोज जांच करवाना चाहते हैं, तो वे ऐसा करवा सकते हैं। भारत में भी पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामले बढ़े हैं।
अब आगे क्या होगा?
- आईपीएल के कोरोना प्रोटोकॉल के मुताबिक, बायो-बबल में संक्रमित पाए गए खिलाड़ी को कम से कम सात दिन आइसोलेट रहना होगा।
- बबल में वापसी के लिए उसे लगातार दो आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव आना होगा। ये टेस्ट 24 घंटे के अंतराल पर लिए जाएंगे।
- अगर फ्रेंचाइजी में एक से ज्यादा कोरोना के मामले हैं, तो टीम 12 खिलाड़ियों के स्क्वॉड में रहते भी मैदान पर उतर सकती है। इसमें सात भारतीय और एक सब्सटिट्यूट खिलाड़ी शामिल हैं।
- अगर स्क्वॉड में 12 खिलाड़ी भी नहीं हैं, तो इस पर आखिरी फैसला आईपीएल मैनेजमेंट लेगा।
पिछले सीजन भी सामने आए थे कई मामले
पिछले सीजन भी 29 मैचों के बाद कई टीमों में कोरोना के मामले सामने आए थे। इसके बाद मई में इस टूर्नामेंट को स्थगित कर दिया गया था।
- आईपीएल के 14वें सीजन यानी पिछले सीजन कई खिलाड़ी, कोच और अन्य स्टाफ संक्रमित पाए गए थे।
- सबसे पहले कोलकाता के वरुण चक्रवर्ती और संदीप वॉरियर कोरोना की चपेट में आए थे।
- इसके बाद कोलकाता और बैंगलोर के मैच को टाल दिया गया था। इसके बाद दिल्ली की टीम को क्वारंटीन किया गया था।
- दिल्ली के अमित मिश्रा भी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। वहीं, चेन्नई के बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी और सनराइजर्स हैदराबाद के ऋद्धिमान साहा भी कोरोना पॉजिटिव आए थे।
- इतने मामले सामने आने के बाद आईपीएल को स्थगित कर दिया गया था। 14वें सीजन के बाकी बचे हुए 31 मैच अक्तूबर में यूएई में कराए गए थे।
दिल्ली की टीम फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में पांच मैचों में दो जीत और तीन हार के साथ आठवें नंबर पर है। उसके चार अंक हैं। टीम को पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।