फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IPL 2021: दिल्ली का अश्विन को समर्थन, मॉर्गन और शेन वार्न को दिलाई 2019 विश्व कप की याद

Thu, 30 Sep 2021 05:49 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

न्यूजीलैंड के खिलाफ 2019 विश्व कप फाइनल मैच में इंग्लैंड को चार रन पुरस्कार के तौर पर मिले थे। तब मॉर्गन ही इंग्लैंड टीम के कप्तान थे और उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जाहिर की थी।
विज्ञापन
IPL में मॉर्गन-अश्विन विवाद - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इयोन मॉर्गन और रविचंद्रन अश्विन के बीच विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। कई खिलाड़ी इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ खिलाड़ी इसमें अश्विन के पक्ष में हैं और कुछ खिलाड़ी मॉर्गन के पक्ष में हैं। ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स ने अपने स्पिनर का बचाव किया है और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर शेन वार्न समेत कई आलोचकों को फटकार लगाई है। 
विज्ञापन


 

क्या है अश्विन-मॉर्गन मामला?
दरअसल दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच मंगलवार को खेले गए मैच के दौरान यह पूरा विवाद हुआ। मैच में केकेआर के खिलाड़ी राहुल त्रिपाठी के थ्रो पर गेंद दूसरे बल्लेबाज ऋषभ पंत से टकराकर निकल गई जिसपर अश्विन ने अतिरिक्त रन लेने का प्रयास किया। इसे लेकर मॉर्गन और अश्विन बीच मैदान ही एक दूसरे से उलझ गए। इसके बाद अश्विन के आउट होने पर तेज गेंदबाज साउदी ने कहा, ‘बेईमानी करने पर यही होता है।’

मॉर्गन और साउदी का मानना था कि किसी खिलाड़ी को गेंद लगने पर अगर गेंद दूर चली जाए तो बल्लेबाज रन के लिए नहीं दौड़ता है। यह खेल भावना है। हालांकि, इसको लेकर कोई नियम नहीं है और बल्लेबाज अपनी इच्छा अनुसाल फैसला ले सकता है। अगर वह दौड़ना चाहे, तो दौड़ सकता है। 

 

शेन वार्न ने मामले पर क्या कहा?
इस मामले के बाद शेन वार्न ने सोशल मीडिया पर अश्विन की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि यह दुनिया इस मामले पर विभाजित नहीं होनी चाहिए। यह घटिया था और ऐसा फिर से नहीं होना चाहिए। हर वक्त किसी विवाद में अश्विन ही क्यों होते हैं? मुझे लगता है कि मॉर्गन को उन्हें बुरा कहने का पूरा अधिकार है।
 

2019 विश्व कप में क्या हुआ था?
इसके बाद दिल्ली के सहमालिक पार्थ जिंदल ने वार्न को 2019 वर्ल्ड कप फाइनल की याद दिलाई। न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच में इंग्लैंड को चार रन पुरस्कार के तौर पर मिले थे। मैच के दौरान मार्टिन गप्टिल का थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से लगकर बाउंड्री लाइन के बाहर चली गई थी। तब मॉर्गन ही इंग्लैंड टीम के कप्तान थे और उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जाहिर की थी। इंग्लैंड को चौका मिला था और उन्होंने विश्व कप भी अपने नाम किया था।

 
विज्ञापन

दिल्ली ने वार्न को क्या जवाब दिया?
पार्थ जिंदल ने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि जब स्टोक्स के बल्ले से लगकर गेंद चौके के लिए गई, तब किसी को कोई आपत्ति क्यों नहीं हुई थी। पाखंडता अपने चरम पर है। वहीं, दिल्ली के कप्तान पंत ने कहा कि रन दौड़ना खेल भावना के अधीन है। यह खेल का हिस्सा है। 

दो साल पहले भी हुआ था विवाद
अश्विन पर इससे पहले भी आईपीएल में खेल भावना के उल्लंघन के आरोप लग चुके हैं। दो साल पहले अश्विन ने राजस्थान के जोस बटलर को मांकड़ (रन आउट) किया था। इस मामले ने भी खूब तूल पकड़ा था। हालांकि, अश्विन अपने फैसले पर अटल रहे थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें