आईपीएल 2020 को कोरोना वायरस महामारी के कारण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने की संभावना है। 29 मार्च से 24 मई के बीच होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए बोर्ड के पास कोई नया प्लान नहीं है। दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग को स्थगित करने के बारे में मंगलवार शाम को एक बैठक में बातचीत हुई, जहां BCCI के शीर्ष अधिकारी सौरव गांगुली (अध्यक्ष), जय शाह (सचिव), बृजेश पटेल (आईपीएल अध्यक्ष) मौजूद थे। इसके अलावा अरुण धूमल (कोषाध्यक्ष) और हेमंग अमीन (IPL मुख्य परिचालन अधिकारी) भी इस बैठक का हिस्सा थे। ईएसपीएनक्रिकइंफो की माने तो बोर्ड इस सप्ताह आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक बुलाने के बाद औपचारिक रूप से अपने फैसले की घोषणा करेगा। यह दूसरी बार है जब बीसीसीआई को आईपीएल को स्थगित करना पड़ा। पिछले महीने, जब भारत सरकार ने देश को तीन सप्ताह के लॉकडाउन में रखा था, तब बोर्ड ने टूर्नामेंट की शुरुआत की तारीख को 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया था।
फॉर्मेट में बदलाव करके बोर्ड जून में IPL का आयोजन करवाना चाहता था। मैच आधे होते। सीमित शहरों को मेजबानी का मौका मिलता। इस बात की भी पूरी संभावना थी कि विदेशी खिलाड़ियों के बिना ही टूर्नामेंट खेल लिया जाए। अगर ऐसा होता तो यह विदेशी खिलाड़ियों के लिए किसी झटके से कम नहीं होता। पिछले दिसंबर की नीलामी में, आठ फ्रैंचाइजियों द्वारा कुल 62 विदेशी खिलाड़ी खरीदे गए थे। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस आईपीएल के इतिहास में सबसे महंगी विदेशी खिलाड़ी भी बने। केकेआर ने उन्हें 15.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। अब जब तक टूर्नामेंट शुरू नहीं होगा, तब तक कमिंस समेत किसी भी देशी-विदेशी खिलाड़ियों को एक पैसे का भुगतान नहीं होगा। मानक के अनुसार, फ्रेंचाइजी दो किस्तों में भुगतान करती हैं। टूर्नामेंट शुरू होने से एक सप्ताह पहले और बाकी का सीजन खत्म होने के बाद। इससे पहले भारत सरकार द्वारा नए वीजा नियम के तहत विदेशी यात्रियों के भारत आने पर रोक लगा दिया गया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने भी आदेश पारित करते हुए दिल्ली में होने वाले सभी खेल आयोजनों को रद्द करने का फैसला लिया था। इतना ही नहीं महाराष्ट्र समेत कई और राज्यों ने भी आईपीएल के आयोजन को लेकर सवाल उठाए थे।