भारत और इंग्लैंड के बीच हाल ही में खेली गई क्रिकेट सीरीज के दौरान अंपायर्स कॉल को लेकर कई सवाल खड़े किए गए। डीआरएस के इस नियम पर दोबारा विचार करने की मांग की हुई थी। जिसके बाद आईसीसी क्रिकेट बोर्ड और क्रिकेट कमेटी ने इस मुद्दे पर चर्चा की। गुरुवार को आईसीसी क्रिकेट कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुंबले ने साफ किया कि मैच के दौरान अंपायर्स कॉल बरकरार रहेगी।
इस बैठके बाद अनिल कुंबले ने जानकारी देते हुए कहा, अंपायर्स कॉल को लेकर क्रिकेट कमेटी में काफी बात हुई और इसके इस्तेमाल पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। जिसके बाद परिणाम निकला कि डीआरएस का मतलब बड़ी गलतियों को सही करना है और मैदान पर अंपायर के फैसले लेने को सर्वोच्च वरीयता दी गई है। कुंबले के मुताबिक, इसलिए अंपायर्स कॉल को बरकरार रखना जरूरी है।
इसके अलावा आईसीसी क्रिकेट कमेटी और बोर्ड ने डीआरएस तीसरे अंपायर के नियमों तीन बदलाव किए हैं। डीआरएस में सबसे बड़ा बदलाव ये हुआ है कि एलबीडब्ल्यू के रिव्यू विकेट जोन की ऊंचाई को बढ़ाकर स्टंप के शीर्ष तक कर दिया गया है। इसका मतलब ये हुआ रिव्यू के दौरान गिल्लियों (बेल्स) के ऊपर तक की ऊंचाई पर गौर किया जाएगा। इससे पहले रिव्यू के दौरान बेल्स के निचले हिस्से तक की ऊंचाई पर गौर किया जाता था।
अब एलबीडब्ल्यू (पगबाधा) के निर्णय पर समीक्षा लेने से पहले खिलाड़ी अंपायर से बातचीत कर ये पूछ सकेगा कि क्या बल्लेबाज ने गेंद को खेलने का वास्तव में प्रयास किया था या नहीं। इसके अलावा आईसीसी ने तीसरे अंपायर को एक और ताकत दी है। अब तीसरा अंपायर शॉर्ट रन के फैसले की जांच रिप्ले में करेगा। इस दौरान अगर कोई गलती पाई गई तो अगली गेंद फेंके जाने से पहले वह इसे ठीक करेगा।