टीम इंडिया की सबसे बड़ी दुविधा खत्म होती नजर आ रही है। जी हां। सबसे बड़ी परेशानी। वह कमजोरी जिसने भारतीय टीम को उसके तीसरे विश्व कप से दूर कर दिया था। यानी नंबर चार पोजिशन। विराट सेना के लिए नासूर बन चुके इस पायदान पर श्रेयस अय्यर ने दमदारी से दावा ठोका है। मुंबई के इस खिलाड़ी ने बता दिया कि अगर वर्ल्ड कप में उनपर दांव लगाया जाता तो वह इस फैसले को सही साबित करने में जी-जान लगा देते।
इस पोजिशन पर खेलते हुए लगातार चार अर्धशतक जमा चुके श्रेयस अय्यर ने शनिवार को कहा कि अपने करियर की शुरुआत में वह इतने जिम्मेदार नहीं थे, लेकिन अब अपने खेल को बखूबी समझते हैं। लंबे समय से भारतीय टीम की समस्या रहे बल्लेबाजी के चौथे नंबर पर अय्यर अपनी दावेदारी पुख्ता करते जा रहे हैं।
भारतीय मध्यक्रम के इस धांसू बल्लेबाज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआती दो वन-डे में अर्धशतक जमाए। उन्होंने तीसरे वनडे की पूर्व संध्या पर कहा, ‘यह परिपक्वता और जिम्मेदारी से आता है। प्रथम श्रेणी करियर के दौर में मैं आक्रामक था और कभी जिम्मेदारी नहीं लेता था।’
श्रेयस अय्यर की माने तो, ‘बाद में मुझे लगा कि उच्चतम स्तर पर खेलने के बाद परिपक्वता जरूरी है। मैं स्ट्रोक्स भी लगा सकता हूं और एक रन भी ले सकता हूं । मैं अपने खेल को बखूबी समझता हूं और उसके अनुसार खेलता हूं।’
भारत और वेस्ट इंडीज के बीच तीन वनडे इंटरनेशनल मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। विंडीज ने चेन्नई में मैच जीतकर सीरीज में बढ़त हासिल की थी वहीं भारत ने विशाखापट्टनम में जीत हासिल कर बराबरी की थी। सीरीज का फाइनल और आखिरी मैच रविवार को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला जाएगा। इसे अपने नाम करते ही टीम इंडिया वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार दसवीं सीरीज भी जीत जाएगी।