एशिया कप में रविवार को भारत और पाकिस्तान की टीमें दूसरी बार आमने-सामने थीं और इस बार बाजी पाकिस्तान के हाथ लगी। इस टूर्नामेंट के पहले मैच में पांच विकेट से हारने वाली पाकिस्तानी टीम ने दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया को पांच विकेट से हरा दिया। भारत की इस हार के साथ ही दीपक हुड्डा का देश के लिए सुनहरा सफर भी थम गया। यह पहला मौका था, जब दीपक हुड्डा के टीम में रहने के बावजूद भारत को हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले दीपक भारत के लिए 17 मैच खेले थे और सभी में टीम इंडिया को जीत मिली थी।
किसी भी देश के लिए डेब्यू करने के बाद लगातार 17 मैच जीतने का विश्व रिकॉर्ड दीपक हुड्डा के ही नाम है। उनके बाद रोमानिया के सात्विक नादिगोटला हैं, जिनके डेब्यू के बाद रोमानिया की टीम लगातार 15 मैच नहीं हारी थी। दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर (13) और रोमानिया के शांतनु वरिष्ठ (13) इस मामले में तीसरे नंबर पर हैं। वेस्टइंडीज के के. किंग का डेब्यू होने के बाद उनकी मौजूदगी में टीम लगातार 12 मैच जीती थी।
दीपक के अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड को देखें तो आठ वनडे में उन्होंने 28.2 की औसत से 141 रन बनाए हैं। वहीं, 10 टी20 मैचों में 48.33 की औसत और 157.61 की स्ट्राइक रेट से 290 रन बनाए हैं। टी20 में उनके नाम एक शतक भी है।
इसी साल पहला मैच खेले थे दीपक
दीपक ने इस साल वेस्टइंडीज के खिलाफ छह फरवरी को अहमदाबाद में वनडे में डेब्यू किया था। उसी महीने की 24 तारीख को श्रीलंका के खिलाफ उन्हें लखनऊ में पहला टी20 मैच खेलने का अवसर मिला। उसके बाद से वह आठ वनडे और 10 टी20 मैच खेल चुके हैं। इस दौरान टीम इंडिया एक भी मैच में नहीं हारी थी, लेकिन दीपक के 10वें टी20 मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस मामले में विश्व रिकॉर्ड दीपक के ही नाम है। वह डेब्यू के बाद लगातार 17 अंतरराष्ट्रीय मैच में नहीं हारने वाले खिलाड़ी हैं।
मैच पलट सकते थे दीपक
इस मैच में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने दीपक हुड्डा को गेंदबाजी नहीं दी, जबकि उन्हें बैटिंग ऑलराउंडर के रूप में टीम में शामिल किया गया था। बीच के ओवरों में पाकिस्तान के नवाज ने रिजवान के साथ अर्धशतकीय साझेदारी कर मैच पलट दिया। इस दौरान हार्दिक पांड्या महंगे भी साबित हुए, लेकिन रोहित ने दीपक को एक ओवर नहीं दिया। बाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ दीपक उपयोगी साबित हो सकते थे, लेकिन गेंद के साथ अपना योगदान देने का मौका ही नहीं मिला।