भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में चल रहा तीसरा टेस्ट मैच नस्लभेद के काले साये से घिर गया है। एससीजी में ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों द्वारा भारतीय खिलाड़ियों को अपशब्द कहे जाने और नस्लीय टिप्पणी करने के बाद से हर कोई नाराज है। एक तरफ जहां इसकी हर कोई आलोचना कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व क्रिकेटर नस्लभेद पर अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं।
इसी कड़ी में मौजूदा टीम के सदस्य अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रविवार को कहा कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर दर्शकों द्वारा नस्लवादी दुर्व्यवहार कोई नई बात नहीं है और इससे सख्ती से निपटे जाने की जरूरत है। अश्विन ने दिन के खेल के बाद कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने पहले भी सिडनी में नस्लवाद का सामना किया है। मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘हमने पहले भी सिडनी में नस्लवाद का सामना किया है। इससे बेहद सख्ती से निपटे जाने की जरूरत है।'
गौरतलब है कि रविवार को चौथे दिन के दूसरे सत्र के दौरान भारतीय खिलाड़ी मैदान के बीच उस वक्त एकत्रित हो गए जब स्क्वायर लेग बाउंड्री पर खड़े सिराज ने अपशब्द कहे जाने की शिकायत की। इसके बाद सुरक्षाकर्मी दर्शक दीर्घा में गए और अपशब्द कहने वाले व्यक्ति को ढूंढने लगे और फिर दर्शकों के एक समूह को स्टैंड से जाने को कहा गया। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने भी इसके बाद पूरी घटना पर माफी मांगी।
स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार मैदान के सुरक्षाकर्मियों ने छह लोगों को वहां से बाहर कर दिया। इस दौरान 10 मिनट के लिए खेल रूका रहा। अश्विन ने कहा, ‘मुझे 2011 में पता नहीं था कि नस्लवाद क्या होता है और आप किस तरह से दूसरों को छोटा दिखाते हैं। इसमें दूसरे लोग भी हंसते हुए साथ देते हैं। ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर ने भी इस घटना की अलोचना की।