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Smriti Mandhana: 'क्रिकेट से ज्यादा कुछ भी पसंद नहीं', भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने पर बोलीं स्मृति मंधाना

Wed, 10 Dec 2025 07:28 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय महिला टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना पलाश मुछाल के साथ शादी टूटने के बाद पहली बार नजर आईं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय टीम की जर्सी पहनने की महत्वता पर बात की और कहा कि क्रिकेट के अलावा उन्हें कुछ अधिक पसंद नहीं है।
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स्मृति मंधाना - फोटो : Instagram
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विस्तार
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भारतीय महिला टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना पलाश मुछाल के साथ शादी टूटने के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर नजर आईं। मंधाना ने हरमनप्रीत कौर के साथ एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मंदिरा बेदी के साथ बातचीत में मंधाना ने बताया कि उन्हें क्रिकेट खेलने से ज्यादा कुछ भी पसंद नहीं है। भारतीय टीम की जर्सी पहनने पर मंधाना ने कहा कि इससे सारी परेशानियां दूर हो जाती है क्योंकि इसे पहनने के बाद जिम्मेदारी का अहसास होता है।  
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मंधाना ने कार्यक्रम के दौरान कहा, मैं क्रिकेट के अलावा किसी और चीज से ज्यादा प्यार नहीं करती है। भारतीय जर्सी पहनने से प्रेरणा मिलती है और सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। मैंने हमेशा सभी से कहा है कि एक बार जब आप जर्सी पहनते हैं तो आप सभी परेशानी को दूर कर लेते हैं क्योंकि आपके ऊपर एक जिम्मेदारी आ जाती है। कई करोड़ लोगों का आप प्रतिनिधित्व करते हैं। ये विचार ही अपने आप में काफी हैं कि आपको अच्छा प्रदर्शन करने के लिए फोकस करना होता है।
 

क्या ड्रेसिंग रूम में कभी रही है असहमति?
मंदिरा ने पूछा कि क्या टीम में किसी बात को लेकर असहमति भी रहती है? अगर ऐसा होता है कि इसका समाधान कौन निकालता है। इस पर मंधाना ने कहा, मुझे पसंद आया कि आपने ये सवाल मुझसे किया है। मुझे नहीं लगता कि कोई मसला रहता है क्योंकि टीम में सभी लोग देश के लिए मैच जितना चाहते हैं। सभी का इसे लेकर अपना विचार होता है। अगर हम किसी चीज को लेकर असहमति दिखाते हैं तो यह दर्शाता है कि हम देश को जीत दिलाने के लिए तत्पर नहीं है।
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मंधाना ने कहा, टीम के अंदर ड्रेसिंग रूम में चर्चाएं होती हैं, लेकिन मैं इस बहस नहीं कहूंगी। हमें प्लेइंग-11 चुनना होता है और यह भी तय करना होता है कि पहले बल्लेबाजी करनी है या गेंदबाजी। सभी की इस बारे में अपनी राय होती है कि हम किस तरह मैच जीत सकते हैं। मैं कभी नहीं देखा कि इस तरह की चर्चा से बहस का रूप लिया हो। हां, कई बार ऐसा हुआ है कि मैं हरमनप्रीत के पास गई हूं और मैंने कहा है कि हमें ऐसा करना चाहिए। हमारे बीच ऐसे रिश्ते हैं कि हम एक दूसरे की किसी बात को ना कह सकते हैं।
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