जब कोई सेना किसी किले को फतह करती है तो उसे ठीक से पता नहीं होता कि उस किले का सबसे कमजोर द्वार कौन सा है? लेकिन जब वही सेना उस किले को बचा रही होती है तो यह बात अच्छे से पता होती है कि कहां से उसे हार मिलने वाली है! ऐसी ही हालत इस समय टीम इंडिया की है। भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन है। उसे खिताब जीतना नहीं बल्कि बचाना है। ऐसे में टीम के चयन में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत थी!
जबकि भारतीय टीम के चयन से पहले और होने के बाद तक यही चर्चा होती रही कि युवराज को क्यों नहीं लिया गया? जबकि युवराज का नाम लेने वाले ये शायद भूल रहे थे कि वो संभावित 30 में भी नहीं थे। हालांकि यह कोई बड़ी बात नहीं थी कि संभावित 30 में न होने के बाद भी टीम में लिया जा सके।
अब जब विश्व कप के लिए अंतिम 15 का चयन हो गया है तो इसी टीम पर खिताब बचाने की जिम्मेदारी आ गई है। इस टीम में पिछली विजेता टीम के केवल 4 खिलाड़ी ही जगह बना पाने में कामयाब हुए हैं। अगर खिलाड़ियों के रिकॉर्ड की बात करें तो कागज पर अब तक की सबसे कमजोर भारतीय टीम है! जो विश्व कप में खेलेगी।
गेंदबाजी कमजोर कड़ी
इस टीम की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी गेंदबाजी साबित होने वाली है। टीम इंडिया के मुख्य गेंदबाज इशांत शर्मा विश्व कप के लिए कितने फिट हैं ये तो मौजूदा टेस्ट और त्रिकोणीय सीरीज के बाद ही पता लगेगा। वरुण अरोन को इसलिए टीम में नहीं रखा गया क्योंकि वो संतुलित गेंदबाजी नहीं कर पा रहे थे। जबकि उनके जैसा भी गेंदबाज टीम में होना चाहिए था। अब बात करते हैं क्यों चुनी गई ऐसी टीम?
क्यों चुनी गई ऐसी टीम?
विश्व कप के लिए टीम चयन से पहले ही भारतीय खेमे में एक बड़ी हलचल हुई। महेंद्र सिंह धोनी का टेस्ट टीम से संन्यास लेना। वर्ल्ड कप टीम के चयन में धोनी की दखलअंदाजी दिखाती है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं था! उन्होंने टेस्ट कप्तानी छोड़ने के लिए जरूर कोई बड़ा 'सौदा' किया है।
धोनी चाहते थे कि उन्हें मनपसंद टीम विश्व कप के लिए मिले, चाहे उसके लिए टेस्ट क्रिकेट ही क्यों ना छोड़ना पड़े! धोनी जिस तरह फैसले लेते हैं उससे इस बात का अंदाजा साफ लग जाता है कि वो भविष्य जल्दी पढ़ लेते हैं। धोनी जानते हैं कि इस विश्व कप में भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल तक का सफर आसानी से तय कर लेगी।
तो उन पर इस बात की कभी तोहमत नहीं आने वाली है कि उन्होंने गलत टीम चुनी। इसलिए वो नए खिलाड़ियों पर दांव खेल गए। जैसा कि 2007 के टी20 विश्व कप में बीसीसीआई ने उनके ऊपर खेला था। युवराज से उनके निजी संबंध जरूर अच्छे नहीं थे! ये दोस्ती कैसे इस मुकाम तक पहुंची ये तो रहस्य का विषय है।
टीम का क्वार्टर फाइनल खेलना तय!
2015 विश्व कप का फॉर्मेट ऐसा है कि भारतीय टीम का क्वार्टर फाइनल खेलना लगभग तय है। पिछली बार की तरह इस बार भी विश्व कप में दो ही ग्रुप हैं। भारत ग्रुप बी में है।
इस ग्रुप में भारत को पाकिस्तान और द. अफ्रीका से ही टक्कर मिलेगी। इसके अलावा वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे, आयरलैंड और यूएई की टीम अगर कोई उलटफेर करती है तभी भारतीय टीम को खतरा होगा।
तो यह माना जा सकता है ग्रुप बी के 7 टीमों में भारतीय टीम अंतिम 4 में शामिल हो जाएगी! ग्रुप मैच के बाद भारतीय टीम को अगर विश्व कप का खिताब बचाना है तो उसे सिर्फ 3 ही मैच जीतने हैं। तो उम्मीद करिए धोनी की प्लानिंग का साथ उनकी किस्मत दे और भारतीय टीम खिताब बचा पाने में कामयाब हो।
वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया
महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), शिखर धवन, विराट कोहली (उप-कप्तान), रवींद्र जडेजा, रोहित शर्मा, अक्षर पटेल, आर अश्विन, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, अंबाती रायडू्, उमेश यादव, स्टुअर्ट बिन्नी।