भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने वनडे विश्व कप 2023 के दौरान भारतीय पिचों की रेटिंग को लेकर आईसीसी को जवाब दिया है। द्रविड़ ने भारत और न्यूजीलैंड मैच से पहले पत्रकारों से बातचीत में अपनी बात रखी। पाकिस्तान (अहमदाबाद) और ऑस्ट्रेलिया (चेन्नई) के खिलाफ भारत के मैचों में इस्तेमाल की गई पिचों को आईसीसी ने औसत रेटिंग दी थी। द्रविड़ ने इस पर आईसीसी के साथ अपनी असहमति व्यक्त की। द्रविड़ ने इस बात पर जोर दिया कि वनडे मैचों में विभिन्न प्रकार के कौशल का प्रदर्शन होना चाहिए, न कि केवल आक्रामक बल्लेबाजी का।
आईसीसी ने 14 अक्तूबर को पाकिस्तान के खिलाफ और आठ अक्तूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के मैचों में इस्तेमाल की गई पिचों को 'औसत' रेटिंग दी थी। ये रेटिंग टूर्नामेंट की अधिकांश अन्य पिचों के विपरीत थीं, जिन्हें 'अच्छी' या 'बहुत अच्छी' रेटिंग मिली थी। भारत ने अहमदाबाद में पाकिस्तान को 42.5 ओवर में 191 रन पर आउट कर दिया, जबकि चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया को 49.3 ओवर में 199 रन पर आउट कर दिया था।
द्रविड़ ने पिचों की गुणवत्ता का बचाव करते हुए कहा, "मैं निश्चित रूप से उन दो विकेटों के लिए दी गई औसत रेटिंग से सम्मानपूर्वक असहमत होऊंगा। मुझे लगता है कि वे अच्छे विकेट थे। यदि आप केवल 350 (रन) का मैच देखना चाहते हैं और केवल उन्हीं विकेटों को अच्छी रेटिंग देना चाहते हैं, तो मैं इससे असहमत हूं। मुझे लगता है कि आपको मैच में विभिन्न कौशल को देखना होगा।" उन्होंने ने खेल के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने के महत्व पर प्रकाश डाला, जैसे स्ट्राइक रोटेट करने की क्षमता, स्पिन गेंदबाजी की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की रणनीति जैसे केन विलियमसन , विराट कोहली और केएल राहुल।
द्रविड़ ने तर्क दिया कि केवल चौके-छक्के के साथ बड़े स्कोर वाले मुकाबलों को प्राथमिकता देना पिचों की रेटिंग के लिए उचित मानदंड नहीं है। वनडे में गेंदबाज और स्पिनर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि वनडे मैचों में बड़े शॉट खेलने के अलावा भी कौशल को भी शामिल किया जाना चाहिए और पिचों की गुणवत्ता को आंकने के लिए बेहतर तरीके की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारतीय कोच ने कहा "ईमानदारी से कहूं तो कुछ विकेट, जहां हम खेले हैं, मेरा मतलब है कि दिल्ली और पुणे में बीच के ओवरों में स्ट्राइक रोटेट करना कोई बहुत कठिन काम नहीं था। प्रतियोगिता इस बारे में थी कि कौन अधिक चौके और छक्के लगा सकता है। इसलिए मेरी राय में विकेटों का आकलन करने का यही एकमात्र तरीका नहीं है। मुझे लगता है कि हमें यह तय करने का एक बेहतर तरीका होना चाहिए कि अच्छा और औसत विकेट क्या है। कभी-कभी विकेट थोड़ा टर्न करेंगे, कभी-कभी वे थोड़ा सीम करेंगे, वे थोड़ा स्विंग करेंगे, वे थोड़ा उछाल भरे होंगे। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ''हम सभी 350 के कुल स्कोर पर छक्कों और चौकों को अच्छे विकेट के रूप में देखना चाहते हैं, तो मैं इससे असहमत हूं।''