भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बताया है कि ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन विकेटकीपिंग करने क्यों नहीं उतरे। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित ने कहा कि पंत पिछले डेढ़ साल में कई चीजों से गुजरे हैं और उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है। पंत में जितनी प्रतिभा है, उसे देखते हुए हमें उनका अतिरिक्त ध्यान रखना पड़ेगा।
पंत को दूसरे दिन लगी थी चोट
पंत ने चौथे दिन सरफराज खान के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 177 रनों की साझेदारी की थी और दूसरी पारी में भारत को बढ़त दिलाने में सफल रहे थे। पंत ने 99 रन बनाए थे और शतक जड़ने से चूक गए थे। पंत मैच के दूसरे दिन विकेटकीपिंग करते वक्त चोटिल हो गए थे और फिजियो के सहारे से मैदान से बाहर चले गए थे। उन्होंने तीसरे दिन भी विकेटकीपिंग नहीं की थी। पंत बल्लेबाजी के लिए उतरे तो लगा कि वह दोबारा विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन वह रविवार को मैदान पर नहीं उतरे।
'बल्लेबाजी के दौरान दौड़ने में सहज नहीं थे पंत'
न्यूजीलैंड ने भारत को इस मैच में आठ विकेट से हराया। मैच के बाद रोहित ने कहा कि पंत भारत की दूसरी पारी में दौड़ते वक्त सहज महसूस नहीं कर रहे थे और उनकी कोशिश ज्यादातर बाउंड्री लगाने की थी। रोहित ने कहा कि यह पंत के हित में था कि वह पुणे टेस्ट के लिए 100 प्रतिशत फिट रहें। कप्तान ने कहा, पंत की घुटने की बड़ी सर्जरी हुई थी और हमें थोड़ा ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। जब पंत बल्लेबाजी कर रहे थे तो दौड़ने में सहज नहीं थे और उनकी कोशिश ज्यादा से ज्यादा गेंद को बाउंड्री के पार भेजने की थी। पंत जैसे खिलाड़ी के लिए हमें अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है क्योंकि उनकी कई छोटी सर्जरी भी हुई है और घुटने की एक बड़ी सर्जरी भी हुई थी।