ऑलराउंडर हार्दिक पांड्याका इंट्रा-स्क्वॉड (टीम के खिलाड़ियों को दो टीमों में बांटकर) मैच और नेट अभ्यास में गेंदबाजी करना भारतीय टीम के लिए अच्छा संकेत है। यह मानना है भारतीय बल्लेबाज सूर्यकुमार का।
भारतीय बल्लेबाज ने कहा, श्रीलंका दौरे में कोच द्रविड़ से सीखने को बेताब
पिछले कुछ महीनों में पांड्या फिटनेस समस्या के कारण कम गेंदबाजी कर रहे हैं। सूर्यकुमार ने कहा, ‘हार्दिक ने इंग्लैंड शृंखला में गेंदबाजी की थी। आईपीएल के दौरान उन्होंने गेंदबाजी नहीं की। उन्होंने इंट्रा-स्क्वॉड मैच में गेंदबाजी की थी और नेट सत्र के दौरान गेंदबाजी कर रहे हैं। यह उनका और टीम प्रबंधन का फैसला है कि वे इसे कैसे लेना चाहते हैं। लेकिन हां, वह गेंदबाजी कर रहे हैं। यह बहुत अच्छा संकेत है।’
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार पदार्पण करने वाले सूर्यकुमार ने कहा कि वह ‘शांत और एकाग्र’ रहने वाले मुख्य कोच राहुल द्रविड़ से श्रीलंका दौरे पर सीखने को लेकर उत्सुक होने के साथ ‘नए सिरे से शुरुआत’ करने की कोशिश करेंगे।
सूर्यकुमार ने इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टी20 शृंखला में पदार्पण पर शानदार अर्द्धशतक लगाया था। वह शिखर धवन की अगुवाई में श्रीलंका दौरे पर गई भारत की दूसरे दर्जे की टीम का हिस्सा हैं। यह टीम 13 जुलाई से तीन मैचों की एकदिवसीय और इतने ही मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला खेलेगी।
राहुल सर का साथ बड़ी बात
उन्होंने कहा कि वह पहली बार द्रविड़ की देख-रेख में खेलने को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा, ‘यह हर किसी के लिए एक शानदार अवसर है, इस स्थिति (महामारी) के बीच यात्रा करना एक बड़ी चुनौती है। दौरे की सबसे अच्छी बात यह है कि राहुल (द्रविड़) सर आपके आसपास रहेंगे। मैंने उनके बारे में बहुत कुछ सुना हैं।
मुझे लगता है कि उनके साथ यह मेरा पहला दौरा है। मैंने कई खिलाड़ियों से बहुत कुछ अच्छा सुना है कि वह इस भूमिका में बात करते हैं तो बहुत शांत और एकाग्र होते हैं।’ आईपीएल में मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व करने वाले 30 साल के इस बल्लेबाज ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ भी उनकी भूमिका वैसी ही होगी जैसी फ्रेंचाइजी के लिए है।
दर्जे की बात से बेफिक्र
सूर्यकुमार श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा के उस बयान को खास तवज्जो नहीं देते जिन्होंने श्रीलंका आई भारतीय टीम को दूसरे दर्जे की टीम कहा था चूंकि विराट की कप्तानी में मुख्य खिलाड़ी टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड में हैं। यादव ने कहा, ‘हम इस बारे में नहीं सोच रहे हैं, हम यहां कुछ लुत्फ उठाना चाहते है। हम इस शृंखला का आनंद लेने और यहां से बहुत सारी सकारात्मक चीजें लेने के लिए हैं।’
बिना दबाव के क्या मजा
मुंबई के इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, ‘दबाव होगा, क्योंकि अगर कोई दबाव नहीं हो, तो कोई मजा नहीं आएगा। यह एक बड़ी चुनौती होगी और मैं वास्तव में इसका इंतजार कर रहा हूं।’ सूर्यकुमार से जब पूछा गया कि क्या पदार्पण शृंखला में सफल रहने से उन्हें दबाव से बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलेगी, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है, वह (इंग्लैंड के खिलाफ पहली शृंखला) एक पूरी तरह से अलग चुनौती थी और एक बल्लेबाज के तौर पर हर बार जब आप अंदर (मैदान में) जाते हैं, तो एक अलग खेल खेलते हैं, आप हर बार नई शुरुआत करते हैं।’
‘श्रीलंका में भी मुझे सिफर से शुरू करना है। इंग्लैंड के खिलाफ एक अलग शृंखला थी और यह एक अलग शृंखला है, लेकिन चुनौती वैसी ही है। मुझे मैदान में जाकर उसी तरह प्रदर्शन करना है, जैसा मैंने किया था।’-सूर्यकुमार यादव