जिंबाब्वे के खिलाफ लगातार दो मैच जीतने के बाद भारतीय टीम आज तीसरे वनडे जीतने के लिए मैदान पर उतरेगी तो उसकी निगाहें सीरीज पर कब्जा करने पर होगी।
पांच मैचों की इस सीरीज में भारत 2-0 से आगे है। दोनों टीमों के बीच खेले गए शुरुआती दोनों मैचों में विश्व चैंपियन भारत का पलड़ा भारी रहा।
पहले मैच में कप्तान विराट कोहली ने शतक जमाया जबकि दूसरे वनडे में ओपनर शिखर धवन ने शतकीय पारी खेली। इन दोनों के अलावा टीम के अन्य बल्लेबाज रोहित शर्मा और अंबाती रायडू भी अच्छी फार्म में दिख रहे हैं लेकिन अभी तक सुरेश रैना का बल्ला रन उगलने में कामयाब नहीं हुआ है।
उम्मीद है कि तीसरे वनडे में वह एक बड़ी पारी खेलेंगे। भारतीय टीम ने जिस तरह दूसरे वनडे में अपने चार विकेट मात्र 65 रन पर खोने के बाद शानदार वापसी की उससे यह साबित होता है कि युवा खिलाड़ी दबाव के क्षणों में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।
भारतीय गेंदबाजों ने भी अब तक दोनों वनडे में शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं, जिंबाब्वे के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लंबे समय तक दूर रहने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि भारतीय युवा गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय अनुभव की कमी के बावजूद जिंबाब्वे के बल्लेबाजों पर हावी हो रहे हैं।
मीडियम पेसर समी अहमद, आर विनय कुमार के अलावा स्पिन विभाग में अमित मिश्रा और रविंद्र जडेजा विकेट हासिल कर रहे हैं।
सीनियर खिलाड़ियों को उठानी होगी जिम्मेदारीः टेलर
जिंबाब्वे के कप्तान ब्रैंडन टेलर मानते हैं कि दो मैच हार जाने के बाद यदि उनकी टीम को सीरीज में वापसी करनी है तो सीनियर खिलाड़ियों को पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी।
टेलर जानते हैं कि यह मैच उनके लिए करो या मरो वाला है क्योंकि इस मैच में हारने से उनके लिए सीरीज में वापसी के रास्ते बंद हो जाएंगे।