तीन मैचों की वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बाद अब टीम इंडिया की नजर जिम्बाब्वे के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज के शुक्रवार को होने वाले पहले मुकाबले में दबदबा बनाने पर होगी। पहले वनडे में चार रन की करीबी जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम ने हर विभाग में संतुलित प्रदर्शन किया है।
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हालांकि मेजबान टीम के पास ताबड़तोड़ क्रिकेट में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी हैं और इसीलिए भारत को जिम्बाब्वे से सावधान रहना होगा। भारत के लिए अब तक दौरे पर सभी चीजें सही दिशा में जा रही हैं। यहां तक कि वनडे में मैन ऑफ द सीरीज रहे चोटिल अंबाती रायडू के दौरे से बाहर होने के बाद उनकी जगह तीसरा वनडे खेलने उतरे मनीष पांडेय ने भी अपने पदार्पण मैच में ही 71 रन की शानदार पारी खेली थी।
टीम इंडिया को बल्लेबाजी विभाग में अधिक आक्रामकता दिखानी होगी, जिसका वनडे सीरीज में अभाव नजर आया था। एक ऐसे प्रारूप में जहां एक गेंद भी मैच का रुख मोड़ सकती है, भारतीय टीम धीमी शुरुआत वहन नहीं कर सकती। विशेषकर तब जबकि मेजबान गेंदबाजों ने वनडे सीरीज में बढ़िया प्रदर्शन किया था। ऐसे में मेहमान टीम को कप्तान अजिंक्य रहाणे और मुरली विजय से धुआंधार शुरुआत की जरूरत होगी।
वनडे सीरीज में असफल रहे रोबिन उथप्पा भी टी-20 क्रिकेट में प्रभाव छोड़ने के लिए बेताब होंगे। वहीं चोटिल रायडू की जगह उनके विकल्प के तौर पर जिम्बाब्वे पहुंचे संजू सैमसन को टी-20 क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिलने की पूरी उम्मीद है। भारतीय गेंदबाजों ने अभी तक निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है और वह अपनी इस लय को आगे भी बरकरार रखना चाहेंगे।
वहीं दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम बल्लेबाजी विभाग में चामू चिभाभा पर जरूरत से ज्यादा निर्भर है। चामू ने वनडे सीरीज में भी अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन हैमिल्टन मसाकद्जा और चिगुंबुरा से अब भी लगातार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।