खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय टीम में जगह पाता है। फिर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के बाद उसकी कोशिश होती है कि अपने पदार्पण मैच में लाजवाब प्रदर्शन कर न सिर्फ अपने चयन की उपयोगिता साबित करे बल्कि टीम में जगह भी कायम रख सके।
लेकिन कई खिलाड़ी अपने इस सपने को पूरा नहीं कर पाते हैं। लाख जतन के बावजूद कई खिलाड़ी अपने पहले मैच में वो कमाल नहीं कर पाते जिसकी बदौलत वह यहां तक पहुंचने में कामयाब होता है।
हरारे में खेले गए भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहले टी-20 मुकाबले की बात करें तो इस मैच में कुल 7 खिलाड़ियों ने अपने टी-20 करियर में पदार्पण किया था जिसमें 2 क्रिकेटर तो पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने उतरे थे। इन 7 खिलाड़ियों में से सिर्फ एक क्रिकेटर ही अपनी क्षमता के अनुरूप खेल दिखा सका बाकी सभी 6 नवोदित क्रिकेटर फ्लॉप रहे।
6 हुए फ्लॉप, एक खिलाड़ी पहले ही मैच में बना हीरो
इस मैच से दोनों टीमों में मिलाकर सात क्रिकेटरों में से छह ने अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की लेकिन ज्यादातर उसे कामयाब नहीं बना सके।
बात पहले टीम इंडिया से शुरू करते हैं। इस टीम में 5 नए खिलाड़ी थे जो पहली बार टी-20 मैच खेलने उतरे लेकिन बल्लेबाज मनीष पांडे (19), केदार जाधव (9) और स्टुअर्ट बिन्नी (11) बल्लेबाजी में नाकाम हो गए। जबकि तेज गेंदबाज संदीप शर्मा भी अपने पदार्पण क्रिकेट को यादगार नहीं बना सके। वह एक भी विकेट नहीं झटके सके।
सिर्फ फिरकी गेंदबाज अक्षर पटेल ही ऐसे खिलाड़ी रहे जो अपने पहले मैच में कामयाब रहे जिन्होंने 4 ओवर में महज 17 रन देकर 3 विकेट झटके। वह मैन ऑफ द मैच भी बने।
भारत के अलावा जिम्बाब्वे के दो खिलाड़ी नेविले मादजिवा और ताउराई मुजारबानी भी अपनी शुरुआत शानदार नहीं बना सके।
दो बल्लेबाजों ने इस गेंदबाज की पहली गेंद पर जड़े छक्का
इस मैच से टीम इंडिया से पहली बार जुड़ने वाले तेज गेंदबाज संदीप शर्मा से सभी को उम्मीद थी कि वह पहले मैच में कुछ कमाल दिखाएंगे लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके।
22 साल के गेंदबाज संदीप ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने से पहले 43 टी-20 मुकाबले खेले थे जिसमें ज्यादातर उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेला है। आईपीएल में वह ज्यादातर मौकों पर बेहद कीफायती गेंदबाजी करते रहे हैं। उनकी पहचान सटीक लाइन लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करने के लिए जाने जाते हैं।
वह न सिर्फ इस मैच में नाकाम रहे बल्कि उनकी शुरुआत भी बेहद खराब रही। दूसरे ओवर में उन्हें पहला ओवर डालने का मौका मिला। उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय गेंद खेलने के लिए क्रीज पर थे चामू चिभाभा। चिभाभा ने उनकी पहली ही गेंद पर लॉंग ऑन पर छक्का जड़ दिया।
टी-20 क्रिकेट के अपने पहले ही मैच की पहली ही गेंद पर छक्का देने वाले संदीप दुनिया के 10वें गेंदबाज बन गए हैं। इन 10 गेंदबाजों में श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन हैं जो बाद में क्रिकेट के सबसे सफल गेंदबाज बने।
फिर इसी ओवर की चौथी गेंद पर चिभाभा के साथी बल्लेबाज हैमिल्टन मास्कजदा बल्लेबाजी करने आए और उन्होंने भी छक्का जड़ दिया। इस तरह से उन्होंने पहले ओवर में 16 रन खर्च कर डाले। संदीप को मैच में 3 ओवर करने का मौका मिला जिसमें उन्होंने 34 रन दे दिए और एक भी सफलता नहीं मिली।
रहाणे ने भी कराई जिम्बाब्वे के गेंदबाज की शुरुआत खराब
ऐसा नहीं है कि सिर्फ संदीप शर्मा की पहली गेंद पर बड़ा शॉट लगा हो, इसी मैच में जिम्बाब्वे के नवोदित ताउराई मुजारबानी पर भी बड़ा शॉट लगा था।
जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज मुजारबानी की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही और टी-20 करियर के अपने पहले ही मैच की पहली गेंद पर चौका दे दिया।
उन्हें भारतीय पारी का तीसरा ओवर डालने का मौका मिला और पहली ही गेंद पर भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने चौका जड़ दिया।
मुजारबानी भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए पहले टी-20 मैच से पदार्पण करने वाले 7 खिलाड़ियों में से एक थे लेकिन वह अपनी शुरुआत बेहद शानदार तरीके से नहीं कर सके। अपने पहले ओवर की पहली और अंतिम गेंद पर चौका देने के साथ ही कुल 9 रन लुटाए।
उनका दूसरा ओवर पहले ओवर से भी खराब गया और इस ओवर में 17 रन लुटा दिए। मुरली विजय ने इस ओवर में एक छक्का और 2 चौका जड़ दिया। शुरुआती दो ओवर में धुनाई के बाद टीम ने उन्हें गेंदबाजी से दूर कर दिया। उन्हें तीसरा ओवर में 15वें ओवर में मिला जिसमें 10 रन दे डाले। इस तरह से उन्होंने 3 ओवर में 36 रन लुटाए (3 चौका और एक छक्का) और वह भी बिना किसी सफलता के।